अंबेडकरनगर। पीईटी को लेकर सड़कों पर मंगलवार को इस तरह भीषण जाम व अफरातफरी रही कि सैकड़ों अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित हो गए। ऐसे तमाम अभ्यर्थी रहे, जो पांच से दस मिनट विलंब से केंद्र तक पहुंचे, लेकिन तब तक प्रवेश द्वार बंद हो चुका था। हालात इतने खराब थे कि सड़कों पर बदहवास होकर दौड़ते हुए परीक्षार्थी केंद्रों की तरफ जाते दिखे। इनमें से कई ऐसे थे, जो दूसरों से मिन्नतें तक कर रहे थे। किसी ने लिफ्ट दिया, तो कोई खुद जल्दी पहुंचने के चक्कर में आगे बढ़ गया। चारों तरफ ऐसी अफरातफरी थी, जिसे नियंत्रित करने में पुलिस कर्मियों को पसीने छूट गए।
बीते दिनों हुई टीजीटी परीक्षा में भी परीक्षार्थियों की भीड़ दिखी थी, लेकिन पीईटी को लेकर मंगलवार को सड़कों पर चारों तरफ सिर्फ अफरातफरी का माहौल था। प्रथम पाली की परीक्षा के दौरान तो हालात किसी तरह काबू में थे। सुबह 8 से लेकर 10 बजे तक सड़कों पर भीड़ के चलते जाम की स्थिति देखने को मिली। कई जगह परीक्षार्थियों को जाम से जूझना पड़ा, लेकिन लगभग सभी परीक्षार्थी समय से अपने-अपने केंद्रों तक पहुंच गए। ऐसा इसलिए क्योंकि सुबह के समय सामान्य यातायात नहीं शुरू हो सका था। इसके बाद जब सड़कों पर सामान्य ढंग से यातायात शुरू हुआ और दूसरी पाली की परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों व उनके अभिभावकों ने परीक्षा केंद्रों का रुख किया, तो हालात बदतर हो गए।
नतीजा यह रहा कि मंगलवार को दोपहर बाद से भीषण जाम की स्थिति जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिली। अकबरपुर से होकर अयोध्या तक जाने वाले लगभग 55 किमी. लंबे मुख्य मार्ग के ज्यादातर हिस्सों में भीषण जाम था। इससे जिन परीक्षार्थियों को अयोध्या की तरफ से अंबेडकरनगर आना था, वे जहां-तहां फंसे रह गए, जबकि जिन परीक्षार्थियों को अंबेडकरनगर की तरफ से अयोध्या जाना था, उन्हें भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस मार्ग के अलावा जिला मुख्यालय के विभिन्न मार्ग समेत अन्य सड़कों पर इतना भीषण जाम था कि अफरातफरी मची हुई थी। कोई कीचड़ से सराबोर होकर खेतों से बाइक निकालता दिखा, तो किसी की बाइक इस कोशिश में खेत में ही फंस गई।
अयोध्या मार्ग पर इस कदर जाम था कि कई परीक्षार्थी खेतों में कीचड़ से होकर आगे बढ़ने को विवश हुए। किसी ने अपनी कार ड्राइवर या परिवार के सदस्यों के भरोसे छोड़ पैदल आगे बढ़ने का निर्णय किया, तो किसी ने आगे बढ़कर उन लोगों की कार या बाइक का सहारा लिया, जो किसी तरह निकल पाने में कामयाब हो गए थे। तमाम अभ्यर्थी बदहवास पैदल ही केंद्रों की तरफ भागते दिखे। एक बाइक पर तीन-तीन परीक्षार्थी जाते दिखे। सभी के चेहरे पर हवाइयां उड़ रही थीं। उन सभी को यह चिंता थी कि समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच भी पाएंगे या नहीं। इन कोशिशों में तमाम परीक्षार्थी कामयाब नहीं हो पाए। इनमें से कई तो रोते-बिलखते दिखे। परीक्षा न दे पाने से सैकड़ों परीक्षार्थियों को निराश होकर लौटना पड़ा।
परीक्षा से वंचित परीक्षार्थियों ने जताई नाराजगी
लखनऊ के विष्णुलोक कॉलोनी निवासी आशीष कुमार गौतम कार से परीक्षा देने निकले थे। अयोध्या में भीषण जाम के चलते उन्होंने एक बाइक सवार से लिफ्ट ले ली। इसके बाद भी वे जाम में फंस गए। अकबरपुर के बीएनकेबी पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर वे बमुश्किल पांच मिनट बाद पहुंचे, लेकिन गेट बंद हो जाने से परीक्षा नहीं दे सके। आजमगढ़ के रानी की सराय से आए अश्विनी पांडेय ने बताया कि बरियावन बाजार में लगे भीषण जाम के चलते मैं समय से परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच पाया। नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रशासन की लापरवाही के कारण ही हम जैसे तमाम परीक्षार्थियों की परीक्षा छूट गई। गिरैया बाजार की वंदना, जहांगीरगंज की अंतिमा के अलावा आजमगढ़ से आए अभिषेक वर्मा व रामसिंह भी परीक्षा से वंचित रह गए। यह परीक्षार्थी भी जाम में फंसने से समय से परीक्षा केंद्र तक पहुंच सके। परिवार के सदस्य को परीक्षा दिलाने अयोध्या जा रहे व्यापार मंडल की युवा इकाई के नगर अध्यक्ष रवि अग्रहरि ने बताया कि अकबरपुर से अयोध्या के बीच कई ऐसे परीक्षार्थी मिले, जो जाम में फंसकर परेशान थे। वे दूसरों से मदद मांग रहे थे, लेकिन कुछ को मदद मिल गई, तो वहीं ज्यादातर को नहीं मिल पाई। ऐसे तमाम परीक्षार्थियों की परीक्षा छूट गई।