धोखाधड़ी कर करोड़ों की जमीन हड़पने के मामले में एसटीएफ ने शुक्रवार को पूर्व विधायक पवन पांडेय को अकबरपुर स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। विवेचना पहले क्राइम ब्रांच की टीम कर रही थी, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश पर बीते दिनों जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी।
मामला अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र से जुड़ा है। नासिरपुर बरवां निवासी चंपा देवी ने बीते दिनों केस दर्ज कराया था। इसमें बताया था कि उनके बेटे अजय की करोड़ों की जमीन का धोखाधड़ी कर एग्रीमेंट करा लिया गया। बताया कि बेटे की मौत के बाद एक महिला को सामने लाकर फर्जी ढंग से अजय की पत्नी बता दिया गया। इसके बाद उसके नाम जमीन का नामांतरण का खेल खेला गया।
शिकायत के बाद पुलिस ने छह से अधिक आरोपियों पर केस दर्ज किया था। इसमें कोटवा महमदपुर निवासी पूर्व विधायक पवन पांडेय को साजिश रचने का आरोपी बनाया गया। मामले की विवेचना अकबरपुर कोतवाली पुलिस ने शुरू की, लेकिन बाद में इसे क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया। इसमें कई आरोपी जेल भेजे गए, लेकिन पूर्व विधायक पवन पांडेय बचते जा रहे थे।
इस बीच विवेचना को लेकर बीते दिनों हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप किया और विवेचना एसटीएफ को सौंप दी गई। एसटीएफ ने शुक्रवार शाम पूर्व विधायक के घर पर छापा मारा और गिरफ्तार कर कोतवाली लाया गया, जहां लॉकअप में डाल दिया गया। अस्पताल ले जाकर चिकित्सीय परीक्षण भी कराया गया। एसपी अजीत सिन्हा ने पूर्व विधायक की गिरफ्तार की पुष्टि की है।
बाहुबली नेताओं में गिनती होती है पवन की
पूर्व विधायक पवन पांडेय चर्चित नेताओं में से हैं। पवन वर्ष 1991 में शिवसेना के टिकट पर अकबरपुर से विधायक चुने गए थे। उन पर कई आपराधिक मुकदमें भी दर्ज हैं। पवन सुल्तानपुर से एक बार बसपा के टिकट पर तो एक बार निर्दनलीय भी लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। अकबरपुर से भी कई बार विस चुनाव लड़े, लेकिन बाद में कभी जीत नहीं मिली। दबदबे के चलते पूर्वांचल के बाहुबली नेताओं में शामिल रहे। उनके बड़े भाई राकेश पांडेय इन दिनों सपा के टिकट पर जलालपुर से बीते चुनाव में विधायक चुने गए तो पवन के भतीजे व राकेश के बेटे रितेश बसपा के टिकट पर चुनाव लड़कर इस समय सांसद हैं।
तीखा बोल तो नहीं बना कारण
अंबेडकरनगर पूर्व विधायक पवन पांडेय इधर काफी दिनों से सक्रिय नहीं थे लेकिन सुल्तानपुर जनपद में हुए चिकित्सक डा. घनश्याम तिवारी की हत्या के बाद उनके तीखे बोल सामने आए थे। सुल्तानपुर में हुई श्रद्धांजलि सभा में पूर्व विधायक ने कहा कि न्याय न मिला तो हम न्याय लेना जानते हैं। उनके कड़े तेवरों की खूब चर्चा हुई। इसे प्रशासन और शासन को कड़े चैलेंज के तौर पर उस समय देखा गया था।