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बाढ़ ने रोके पांव, शहर में चल रही नाव

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अंबेडकरनगर के दुबखरपुर रुदाइन में नाव से स्कूल जाते छात्र-छात्राएं। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। तमसा नदी की बाढ़ ने नगर के नए क्षेत्रों को अपने दायरे में ले लिया है। पानी के बढ़ते कहर का दौर शनिवार को भी जारी रहने से आम नागरिकों व यात्रियों की मुश्किलें बढ़ी रहीं। कई बुजुर्ग नागरिकों का कहना है कि तमसा नदी में ऐसी बाढ़ 1955 के बाद अब देखने को मिली है। तमसा नदी के पानी ने जिला मुख्यालय के ही आधा दर्जन मोहल्लों को अपनी चपेट में ले लिया है। बाढ़ में फंसे नागरिक सुरक्षित स्थान पर पलायन करने को मजबूर हैं।
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शनिवार को प्रशासन ने जिला मुख्यालय के जौहरडीह मोहल्ले से आठ परिवारों को नाव की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला। इस बीच बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के 300 से अधिक परिवारों में शुक्रवार से ही लंच पैकेट वितरित किए जाने का कार्य शुरू कर दिया गया, जो शनिवार को भी जारी रहा। इसके साथ ही जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन के निर्देश पर राजस्वकर्मियों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के निराश्रितों व आर्थिक रूप से कमजोरों को चिह्नित भी किया, जिससे उन्हें राशन किट बांटी जा सके। अकबरपुर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सरिता गुप्ता ने वरिष्ठ भाजपा नेता मनोज गुप्ता के साथ नाव पर बैठकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। साथ ही प्रभावित नागरिकों को आश्वस्त किया कि उन्हें किसी भी प्रकार की मुश्किल नहीं होने दी जाएगी।
65 वर्ष बाद देखी बाढ़ की विभीषिका
कटरिया सम्मनपुर निवासी लगभग 85 वर्षीय रामबहाल वर्मा ने जब मोबाइल के माध्यम से शहर में बाढ़ के पानी को देखा, तो कहा कि इस प्रकार की बाढ़ तो 1955 में आई थी। उस समय भी सड़कों पर वाहनों के चलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। साथ ही आवागमन के लिए नाव का सहारा लिया जा रहा था। पुराने पुल पर बाढ़ का पानी आ जाने से अकबरपुर व शहजादपुर अलग हो गए थे। मौजूदा समय में जो बाढ़ की विभीषिका दिख रही है, वह अत्यंत गंभीर है।
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बाढ़ पीड़ितोें को बांटे लंच पैकेट
तमसा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के बीच बाढ़ प्रभावितों को किसी भी प्रकार की मुश्किलों का सामना न करने पड़े, इसके लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर बाढ़ प्रभावितों के बीच लंच पैकेट वितरण किए जाने का निर्देश दिया गया। डीएम के दिशा निर्देश के बाद शुक्रवार की शाम से ही जिला मुख्यालय के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र जौहरडीह मुरादाबाद, इंद्रलोक कॉलोनी व इमामबाग मोहल्ले में 300 से अधिक बाढ़ प्रभावितों को लंच पैकेट बांटे गए। यह सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। तहसीलदार सदर जयप्रकाश यादव ने बताया कि राजस्वकर्मियों की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के ऐसे परिवारों का चिह्नितकिया गया है, जो निराश्रित हैं और आर्थिक रूप से कमजोर हैं। ऐसे परिवारों में निशुल्क राशन किट के वितरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
नई सड़क पर चल रही ड्रम की नाव
वर्ष 1955 के बाद पहली बार यह देखा गया कि अकबरपुर नगर के नई सड़क पर लगभग एक सप्ताह से बाढ़ का पानी बना हुआ है। उस समय संबंधित सड़क पर नाव चली थी। अब एक बार फिर से इतिहास दोहराया जा रहा है। नई सड़क पर तमसा नदी में आई बाढ़ का पानी घुटने के ऊपर तक पहुंच गया है। जलस्तर में वृद्धि लगातार हो रही है। ऐसे में सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए नागरिक एक तरफ जहां नाव के सहारे सामान सुरक्षित स्थान पर ले जा रहे हैं, तो वहीं दुकानदार भी नाव के सहारे सामानों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा रहे हैं। शनिवार को नई सड़क पर स्थित चूना भट्ठी के निकट लोग ड्रम की नाव पर सामान व बच्चों को बैठाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाते नजर आए। दो ड्रम को एक में बांधकर उस पर पटरा रखा गया। इसके बाद पटरे पर बच्चों को बैठाकर सुरक्षित स्थान पर ले जाते हुए नजर आए।
नाव पर बैठकर स्कूल को निकले छात्र
तमसा नदी में लगातार बढ़ते जलस्तर से अकबरपुर तहसील अंतर्गत दुबखर परम रुदाईं गांव चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है। गांव के अंदर तक पानी के पहुंचने व गांव तक जाने वाले मार्ग के जलमग्र हो जाने के चलते अब ग्रामीणों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेने को मजबूर हो गए हैं। बीते दिनों ही एसडीएम सदर मोईनुल इस्लाम ने डीएम सैमुअल पॉल एन की संस्तुति के बाद संबंधित गांव को नाव उपलब्ध कराई थी। इस बीच शनिवार को नाव पर बैठकर छात्र-छात्राएं विद्यालय जाने को मजबूर हुए। गांव के संतराम ने कहा कि लंबे अर्से बाद इस प्रकार की बाढ़ आई है। ऐसा पहली बार हुआ है कि आवागमन के लिए नाव का सहारा लिया जा रहा है।
घुटने तक पानी से होकर आवागमन
बाढ़ की विभीषिका का आलम यह है कि फोरलेन नई सड़क पर घुटने के ऊपर तक पानी बढ़ गया है। हालांकि इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से रोक दिया गया है। फव्वारा तिराहे के निकट व मालीपुर चौराहे के निकट बैरिकेडिंग कर संबंधित मार्ग पर आवागमन को पूरी तरह से ठप किया गया है। इसके बाद भी कुछ नागरिक संबंधित मार्ग पर आवागमन कर रहे हैं। शनिवार को इस मार्ग पर जहां कुछ नागरिक पैदल, तो कुछ साइकिल से आवागमन करते नजर आए। एसडीएम सदर मोईनुल इस्लाम ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि नई सड़क पर आवागमन को रोका गया है। जब तक बाढ़ का पानी न घट जाए, इस मार्ग पर आवागमन न करें।
शहजहांपुर में पानी में पलटी पिकअप
तमसा नदी में आई बाढ़ का पानी जिला मुख्यालय के शहजहांपुर मोहल्ले में भी पहुंच गया है। मोहल्ले की तरफ जाने वाले मार्ग व गलियां जलमग्र हो चुकी हैं। शनिवार को उस समय बड़ा हादसा होते-होते रह गया, जब एक पिकअप पलट गई। गया।बताया जाता है कि मुर्गी की सप्लाई करने वाली पिकअप शनिवार को शहजहांपुर मोहल्ले से निकलकर जा रही थी। मोहल्ले के एक मार्ग पर पानी भरा होने के चलते गड्ढे में वह चली गई, जिससे अनियंत्रित होकर पलट गई। यह संयोग ही था कि आसपास कोई मौजूद नहीं था। चालक भी बाल-बाल बच गया।
सुरक्षित निकाले गए प्रभावित आठ परिवार
तमसा नदी के तेजी से बढ़ते जलस्तर के चलते जिला मुख्यालय के ही आधा दर्जन मोहल्लों में पानी भर गया है। इससे संबंधित क्षेत्र के नागरिकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को बाढ़ में फंसे ऐसे आठ परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। तहसीलदार सदर ने बताया कि शनिवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र जौहरडीह निवासी हरिश्चंद्र उपाध्याय समेत आठ परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इन परिवार के सदस्य बाढ़ का पानी घर में घुसने के चलते ऊपरी मंजिल पर रह रहे थे। बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए इस प्रकार का कदम उठाया गया। इन सभी परिवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय आश्रय गृह भेजे जाने को कहा गया, लेकिन संबंधित परिवारों ने अपने गांव व रिश्तेदार के घर जाने की बात कहकर चले गए।
नपा अध्यक्ष ने नाव से लिया बाढ़ का जायजा
अकबरपुर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सरिता गुप्ता ने प्रतिनिधि व वरिष्ठ भाजपा नेता मनोज गुप्ता के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र तमसा मार्ग क्षेत्र, शहजहांपुर, जौहरडीह, मुरादाबाद, नई सड़क मौजूदा समय में पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में हैं। नगर पालिका अध्यक्ष ने संबंधित क्षेत्र का नाव पर बैठकर जायजा लिया। उन्होंने जगह-जगह रुककर बाढ़ प्रभावितों से वार्ता की और उनकी समस्याएं सुनीं। आश्वस्त किया कि उन्हें किसी भी प्रकार की मुश्किल नहीं होने दी जाएगी। न सिर्फ उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजा जाएगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर उनमें लंच पैकेट का भी वितरण किया जाएगा।
अतरौरा पुल पहुंच मार्ग जलमग्न
अकबरपुर तहसील अंतर्गत अतरौरा गांव को कुर्कीबाजार को जोड़ने वाले मार्ग पर बना पुल का पहुंच मार्ग मौजूदा समय में पूरी तरह से जलमग्र हो चुका है। बाढ़ के पानी के चलते पहुंच मार्ग जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गया है। किसी अनहोनी को रोकने के लिए ग्रामीणों ने गांव की तरफ के पहुंच मार्ग पर बांस बल्ली लगाकर वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी है। सिर्फ पैदल ही आवागमन हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार इसकी जानकारी जिम्मेदारों को दे दी गई है।
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