अंबेडकरनगर। प्रकृति की मार से किसानों को बचाने के लिए चल रही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। निर्धारित तिथि बीतने में दो दिन शेष हैं, लेकिन अभी तक केवल 31 हजार किसानों का ही फसल बीमा हो सका है।
जनपद की आबादी 23 लाख से अधिक है। इसमें करीब पांच लाख किसान खेती करते हैं। सूखे, ओलावृष्टि आदि के चलते फसलें नष्ट होने की स्थिति में कर्ज लेकर खेती करने वाले किसानों को बर्बादी से बचाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चलाई गई है। इसमें बेहद कम प्रीमियम पर फसलों का बीमा किया जाता है। कई वर्ष से चल रही इस महत्वाकांक्षी योजना से जुड़ने के लिए किसानों में दिलचस्पी नहीं बढ़ रही है।
पांच लाख किसानों में महज 31,138 किसानों की ही फसलों का बीमा हुआ है। इन किसानों ने 27 दिसंबर तक 49,59,785 का प्रीमियम जमा किया है। रबी सीजन में बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर दो दिन शेष रह गए हैं।
जिला समन्वयक विकास दूबे ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जलवायु परिवर्तन के दौर में किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। लाभ पाने के लिए 31 दिसंबर तक फसलों का अवश्य बीमा करा लें। कहा कि अब इस योजना को ऐच्छिक कर दिया गया है। इच्छुक गैर ऋणी किसान अपनी खतौनी, आधार कार्ड के साथ बीमित फसल के क्षेत्रफल का घोषणापत्र भरकर नजदीकी ग्राहक सेवा केंद्र से मात्र डेढ़ प्रतिशत प्रीमियम पर निर्धारित तिथि तक कर सकते हैं। बताया कि ओलावृष्टि, फसल कटाई के बाद खेत में 14 दिन के अंदर सूखने वाली फसल के नुकसान होने पर व्यक्तिगत क्षतिपूर्ति का भी प्राविधान है।