आलापुर (अंबेडकरनगर)। फाइलेरिया को जड़ से मिटाने के लिए 22 नवंबर से आशा बहुओं की ओर से घर-घर फाइलेरिया की दवा का वितरण किया जाएगा। साथ ही लोगों को इसके बारे में जागरूक भी किया जाएगा। अभियान आगामी सात दिसंबर तक चलेगा। नोडल अधिकारी डॉ. आशीष राय ने बताया कि 22 नवंबर से अभियान चलेगा। इसके लिए रामनगर परिक्षेत्र में 152 टीमें बनाई गई हैं। इसमें 33 सुपरवाइजर तथा 284 आशा के साथ-साथ 14-15 एनजीओ भी शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि इसके लिए आशा व स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण के साथ दिशा निर्देश दिए गए हैं। टीम के सदस्य गांव-गांव जाकर परिवार के हर सदस्य को फाइलेरिया की गोली देंगे। फाइलेरिया की गोली गर्भावस्था, दो साल से कम तथा गंभीर बीमारी से पीड़ित रोगियों को नहीं लेना है। डॉ. राय ने बताया कि कुछ व्यक्तियों को फाइलेरिया की दवा की खुराक लेने पर फाइलेरिया के कीटाणुओं के मरने के कारण हल्का बुखार, सर में दर्द, उल्टी या चक्कर की शिकायत हो सकती है, इससे घबराएं नहीं। ये लक्षण कुछ समय के बाद स्वयं समाप्त हो जाते हैं।
अगर डीईसी की खुराक खाने से कोई परेशानी हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य कर्मी/ स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर सकते हैं, बस खाली पेट दवा नहीं लेना है। फाइलेरिया की बीमारी का संक्रमण आमतौर पर बचपन में होता है। लेकिन इस बीमारी के लक्षण 7 से 8 वर्ष के उपरांत ही दिखाई देते हैं। कहा कि फाइलेरिया संक्रमण मच्छरों के काटने से फैलता है। ये मच्छर फ्युलेक्स एवं मैनसोनाइडिस प्रजाति के होते हैं। जिसमें मच्छर एक धागे समान परजीवी को छोड़ता है। यह परजीवी हमारे शरीर में प्रवेश कर जाता है। प्रभारी डॉ. उदय चंद यादव ने बताया कि कार्यक्रम सफल बनाने के लिए सभी टीमों को कड़े निर्देश दिए गए हैं।