अंबेडकरनगर। फार्मर रजिस्ट्री की सुस्त रफ्तार को देखते हुए एक बार फिर मिशन मोड में पंजीकरण कराया जाएगा। इसके लिए सभी पंचायत भवन से लेकर जनसुविधा केंद्रों पर कर्मचारियों की निगरानी में पंजीकरण होगा। टीमें गांव गांव जाकर किसानों को जागरूक करेंगी और आधार व खतौनी में नाम का मिलान न होने पर उसका त्वरित निस्तारण कराया जाएगा, ताकि आगामी 30 अप्रैल तक शत प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री हो सकें।
किसानों की जमीनों का ब्योरा एक क्लिक पर मिल सके, इसके लिए केंद्र सरकार ने फार्मर रजिस्ट्री की योजना तैयार की है। 30 नवंबर से फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया मिशन मोड में शुरू की गई थी। कृषि व राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि 31 दिसंबर तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पाने वाले सभी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री प्राथमिकता पर करा ली जाए।
शासन के निर्देश पर गांवों में शिविर लगाने के साथ जनसुविधा केंद्र और पंचायत भवनों पर भी फार्मर रजिस्ट्री की सुविधा मुहैया कराई गई। शुरुआत में सर्वर की समस्या के चलते रजिस्ट्री का काम अत्यंत सुस्त गति से शुरू हुआ। सर्वर ठीक हुआ तो खतौनी और आधार कार्ड में नाम अलग होने, ओटीपी न आने जैसी समस्याएं सामने आने लगी।
शासन के निर्देश थे कि जिनकी फार्मर रजिस्ट्री बन जाएगी, उन्हें ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 19वीं किस्त से लाभान्वित किया जाएगा। हालांकि तय समय में लक्ष्य के प्राप्ति नहीं हो पाई थी। जिले के 4.61 लाख किसानों के मुकाबले अब तक 2.39 लाख फार्मर रजिस्ट्री हो पाईं हैं। अब शासन ने 30 अप्रैल तक शत प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए एक बार फिर मिशन मोड में फार्मर रजिस्ट्री होगी। कृषि व राजस्व विभाग के कर्मचारी छूटे किसानों से संपर्क कर फार्मर रजिस्ट्री बनवाएंगे। किसानों की समस्याओं का समाधान भी कराया जाएगा। कृषि विभाग ने इसके क्रियान्वयन के लिए तहसीलवार अधिकारियों कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर दी है।
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प्रदेश में आठवें स्थान पर अंबेडकरनगर
2.39 लाख फार्मर रजिस्ट्री के साथ अंबेडकरनगर प्रदेश में आठवें स्थान पर है। हालांकि पूर्व में जिले की रैंकिंग टाॅप फाइव और मंडल में प्रथम स्थान पर रहती थी।
वर्जन
तय की गईं जिम्मेदारियां
लक्ष्य की शत प्रतिशत पूर्ति के लिए फिर से मिशन मोड में फार्मर रजिस्ट्री कराने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए सभी की जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं।
- डॉ. अश्विनी कुमार सिंह, उपकृषि निदेशक