अकबरपुर डिपो के सामने से गुजरती सवारी भरने के लिए प्राइवेट बस।
अंबेडकरनगर। शहर स्थित रोडवेज बस स्टेशन से निजी कार चालक व बसें सवारियां ढो रही हैं। इसकी वजह से परिवहन निगम को राजस्व नुकसान हो रहा है। टांडा बस स्टेशन में जुबेर चौराहा के सामने ही खड़ी करके सवारी भरने लगते हैं। इस समस्या को लेकर रोडवेज के अधिकारी कई बार यातायात पुलिस, परिवहन विभाग समेत अन्य अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कभी-कभार चालान कर रस्म अदायगी कर दी जाती है। परिवहन निगम के चालक जब इसका विरोध करते हैं, तो निजी बस चालक मारपीट पर उतर आते हैं। मारपीट और अभद्रता की शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है।
30 से 35 गाड़ियां ढो रहीं सवारियां
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रोडवेज चालक राजेश कुमार का कहना है कि बस स्टेशन के बगल से लेकर पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस तक करीब 30-35 गाड़ियां प्रतिदिन टांडा, अयोध्या, बसखारी, लखनऊ, दिल्ली, सुल्तानपुर, प्रयागराज और अन्य लोकल रूटों की सवारी ढो रही हैं।
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राजस्व का हो रहा भारी नुकसान
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रोडवेज के चालक अजय कुमार का कहना है कि निजी बसों की वजह से परिवहन निगम की आय में गिरावट आ रही है और सरकार के राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है। इसके अलावा कई बार सवारियों के चक्कर में मारपीट और नोकझोंक भी हो जाती है।
वर्जन-
बस अड्डा सिर्फ रोडवेज बसों के लिए है। नियम में शामिल है कि एक किलोमीटर के दायरे में प्राइवेट साधन सवारी नहीं भर सकते हैं। अगल-बगल निजी बस-टैक्सी व कार सवारियां भरती हैं। जिससे राजस्व का नुकसान हो रहा है।
-हरिओम श्रीवास्तव, एआरएम