अंबेडकरनगर। तेज हवा के चलते गड़बड़ी आने से शनिवार रात अलग-अलग क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, इससे करीब दो लाख की आबादी अंधेरे में डूबी रही। रविवार दोपहर तक गड़बड़ी दूर कर आपूर्ति बहाल की गई। इस बीच सबसे बड़ी समस्या पेयजल को लेकर हुई।
उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली उपलब्ध कराने का पावर कारपोरेशन का दावा हवा-हवाई साबित हो रहा है। जिलेवासियों को बेहतर बिजली आपूर्ति देने के लिए मौजूदा समय में 111 करोड़ रुपये की लागत से बड़े पैमाने पर कार्य चल रहा है। अफसरों के मुताबिक यह काम अंतिम दौर में है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आ रही। तेज हवा चलते ही बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हो जाती है।
एक दिन पहले शनिवार को सुबह से ही तेज हवा चलने का जो सिलसिला शुरू हुआ वो रात में भी जारी रहा। अकबरपुर के सिझौली के निकट तेज हवा चलने से तार टूटकर गिर पड़ा। इसके अलावा बस स्टेशन क्षेत्र में भी केबल में फाॅल्ट हो गया। इससे सिझौली, लोरपुर, बरधाभिउरा, अटंगी, अंधियरवा, गौहन्ना, कटरिया सम्मनपुर, के अलावा कई अन्य क्षेत्रों की बिजली गुल हो गई। इससे अकबरपुर बिजली उपकेंद्र के टाउन फीडर, स्पेयर फीडर से जुड़ी लगभग एक लाख की आबादी को पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी।
इसी प्रकार श्रवणक्षेत्र के निकट भी तेज हवा के चलते जर्जर तार टूट गया। इससे श्रवणक्षेत्र व आसपास के क्षेत्र की भी बिजली आपूर्ति ठप हो गई। अकबरपुर बनगांव रोड व अयोध्या मार्ग पर भी दो स्थानों पर केबल में गड़बड़ी होने से बनगांव रोड, गोविंदगनेशपुर, सीहमई, शिवबाबा, अन्नावां, घाघूपुर, रसूलपुर हौजपट्टी, तमसा मार्ग, बौद्ध विहार काॅलोनी समेत दो दर्जन से अधिक मोहल्लों की बिजली गुल हो गई।
बिजली उपकेंद्र करबला कासिमपुर की मुख्य लाइन में शनिवार रात लगभग आठ बजे गड़बड़ी हो गई। बताया जाता है कि तेज हवा चलने से कहीं फाॅल्ट हो गया। बिजलीकर्मी गड़बड़ी की तलाश करते रहे लेकिन सफलता रविवार सुबह मिल सकी। इससे बरौली, बासुपुर, गयासपुर, मालीपुर, सोनगांव, गौरा, महमदपुर, रामपुर, हरपुर, ब्राहिमपुर, सुलेमपुर समेत पांच दर्जन से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई, इससे लगभग 50 हजार की आबादी को पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी। महरुआ उपकेंद्र से जुड़े पांच दर्जन से अधिक गांव के ग्रामीणों को भी शनिवार पूरी रात मुश्किलों में गुजारनी पड़ी। दरअसल लोकनाथपुर व सेनपुर के अलावा हीड़ीपकड़िया क्षेत्र में तेज हवा के चलते तार टूट गया। मालूम हो कि महरुआ उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ता बीते लगभग एक पखवाड़ा से लो वोल्टेज की समस्या से संघर्ष कर रहे हैं। इस बीच शनिवार शाम लगभग छह से गड़बड़ी के चलते आपूर्ति ठप हो गई। रविवार सुबह गड़बड़ी तो दूर हुई लेकिन पूरे दिन बिजली का आवागमन होता रहा। इसी प्रकार से जिले के अन्य क्षेत्रों में भी उपभोक्ताओं को बदतर बिजली आपूर्ति का दंश झेलना पड़ा।
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पेयजल को लेकर हुई मुश्किल
बेपटरी हुई बिजली आपूर्ति के बीच पेयजल का संकट भी रविवार को लोगों के सामने उत्पन्न हो गया। बनगांव रोड निवासी राकेश कुमार व मीरानपुर निवासी संदीप कुमार ने कहा कि बिजली न होने से टुल्लूपंप नहीं चला। वे दूसरी मंजिल पर रहते हैं। टंकी में पानी न होने से घर के सामने स्थित हैंडपंप से बाल्टी में पानी भरकर सीढि़यों के सहारे ले जाना पड़ा, इससे कई प्रकार की मुश्किलें हुईं। अयोध्या मार्ग की निवासी शीला ने कहा कि बिजली ने होने से पेयजल का बड़ा संकट रविवार सुबह खड़ा हो गया। रविवार का अवकाश होने के चलते बच्चों की छुट्टी थी, अन्यथा और भी मुश्किल होती।