राजेसुल्तानपुर। पंचायत चुनाव में विधायक अनीता कमल की रणनीति फेल हो गई। जहांगीरगंज से अपने परिवारीजन को ब्लॉक प्रमुख बनाने का उनका सपना टूट गया। परिवारीजनों की बीडीसी चुनाव में हार के बाद उन्होंने अपने चहेतों पर दांव खेला, लेकिन उसमें भी सफल नहीं हो सकीं।
रामनगर व जहांगीरगंज ब्लॉकों में अपने चहेतों को पार्टी से ब्लॉक प्रमुखी का टिकट दिलाने में तो वह कामयाब जरूर हुईं, लेकिन दोनों प्रत्याशियों को जिता नहीं सकीं। जहांगीरगंज ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी पर निर्दल प्रत्याशी को जीत दिलाकर पूर्व प्रमुख व कम्हरिया स्टेट अरविंद सिंह ने अपनी ताकत व लोकप्रियता का आभास करा दिया, तो वहीं रामनगर में सपा प्रत्याशी ने विधायक अनीता के तमाम प्रयास के बावजूद भाजपा प्रत्याशी को करारी शिकस्त दे दी।
आलापुर विधानसभा क्षेत्र में ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में कमल नहीं खिल पाया। सूत्रों की मानें तो पहले जहांगीरगंज ब्लॉक से अपने परिवारीजन को ब्लॉक प्रमुख बनाने का वह ताना बाना बुन रही थीं। इसके लिए उन्होंने मखदूमपुर से सास व अकथरा नरायनपुर से जेठानी को बीडीसी चुनाव लड़ाया, परंतु उनके दोनों प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने प्रमुख की कुर्सी पर चहेतों को बैठाने का प्रयास किया।
जहांगीरगंज से पुष्पा कनौजिया व रामनगर से रामधारी यादव को वह पार्टी से टिकट दिलाने में सफल हुईं। परंतु एक भी सीट पर अपने प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित नहीं कर सकीं। जहांगीरगंज में जहां निर्दल प्रत्याशी विनीता कनौजिया ने पूर्व प्रमुख व कम्हरिया स्टेट अरविंद सिंह के समर्थन से प्रमुखी की कुर्सी पर फिर कब्जा जमा लिया, वहीं रामनगर में सपा प्रत्याशी विकास यादव ने भाजपा प्रत्याशी को शिकस्त दे दी।
जहांगीरगंज ब्लॉक में तो अंतर 10 मत का था। निर्दल विनीता को 42 मत मिले थे, जबकि भाजपा प्रत्याशी पुष्पा को 32 मत मिले। परंतु रामनगर ब्लॉक में सपा प्रत्याशी की जीत का अंतर लंबा रहा। सपा प्रत्याशी विकास जहां 70 मत पाने में सफल रहे, वहीं भाजपा प्रत्याशी रामधारी यादव को महज 42 वोट ही मिले। उन्हें 28 मतों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा।