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प्रत्याशियों की जीत-हार को लेकर चर्चा तेज

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जलालपुर (अंबेडकरनगर)। विधानसभा चुनाव में मतदान की प्रक्रिया संपन्न हो गई है। विधानसभा क्षेत्र जलालपुर से चुनावी जंग में कूदे 14 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद हो चुका है। 10 मार्च को मतों की गणना के बाद ही पता चल सकेगा कि किस प्रत्याशी ने बाजी मारी। फिलहाल परिणाम आने में कुछ दिनों का इंतजार करना है। लेकिन प्रत्याशियों की जीत-हार को लेकर अब चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। सभी अपने-अपने तरीके से चुनावी चौपाल में प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित कर रहे हैं। कोई सपा को सब पर भारी बता रहा, तो कोई भाजपा को। कोई बसपा को कम न आंकने की बात कर रहा, तो कोई कांग्रेस को सभी का खेल बिगाड़ने की बात कर रहा है। एक ऐसी ही चुनावी चौपाल जलालपुर तहसील मुख्यालय के निकट स्थित चाय की दुकान पर होती दिखी।
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इस पर अमर उजाला टीम कुछ देर के लिए मौके पर रुक गई। रामतीरथ ने चाय की चुस्की लेते हुए कहा कि इस बार सपा की लहर है। अखिलेश का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोला। सपा की जीत पक्की है। बसपा व भाजपा दूसरे व तीसरे नंबर के लड़ रहे हैं। पंकज मिश्र ने बात काटते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जादू कमजोर नहीं पड़ा है। अभी वैसा ही जैसा वर्ष 2017 के चुनाव में था। विकास के नाम पर मतदाताओं ने वोट डाला है। ऐसे में भाजपा की जीत निश्चित है। सपा व बसपा प्रत्याशी भाजपा प्रत्याशी से काफी पीछे हैं। वीरेंद्र कुमार ने दोनों की बात काटते हुए कहा कि अंबेडकरनगर जनपद बसपा का गढ़ रहा है।
बसपा सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की पकड़ मतदाताओं पर कमजोर नहीं पड़ी है। बसपा प्रत्याशी को सभी वर्ग का वोट बढ़-चढ़कर मिला है। ऐसे में बसपा प्रत्याशी नंबर वन पर है। गिरिजेश श्रीवास्तव ने तीनों से असहमति जाहिर करते हुए कहा कि जलालपुर विधानसभा सीट पर मुख्य लड़ाई भाजपा व बसपा में है। इन दोनों ही प्रत्याशियों को सभी वर्ग का वोट मिला है। यह नहीं कहा जा सकता कि इनमें से कौन एक-दूसरे पर भारी पड़ेगा।
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आशुतोष ने कहा कि भाजपा का कहीं दूर-दूर तक पता निशान नहीं है। मुख्य लड़ाई सपा व बसपा में है। अब इनमें सेे कौन बाजी मारेगा, यह कहना जल्दबाजी होगी। परमेंद्र कुमार ने कहा कि लड़ाई त्रिकोणीय है। सपा, बसपा व भाजपा प्रत्याशी तीनों ही पूरी मजबूती के साथ लड़े हैं। जीत-हार का अंतर भी बहुत अधिक होने वाला नहीं है। अखिलेश ने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी को हल्के में नहीं लेना चाहिए। भले ही कांग्रेस प्रत्याशी काफी पीछे है, लेकिन उसने अन्य तीनों प्रमुख दल का खेल बिगाड़ दिया है।
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