राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। नगर पंचायत राजेसुल्तानपुर में वित्तीय अनियमितता, निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार एवं अधिशासी अधिकारी की मनमानी के आरोपों को लेकर सभासदों ने डीएम अनुपम शुक्ला से मुलाकात कर आठ सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
ज्ञापन में आरोप लगाया कि राज्य वित्त मद से प्राप्त धनराशि का उपयोग केवल छोटे कार्यों के कोटेशन बनाकर दिखाया गया है, जिनमें से ज्यादातर कार्य वास्तविकता में धरातल पर हुए ही नहीं हैं। शासन से प्राप्त विभिन्न योजनाओं की धनराशि का भी अधिशासी अधिकारी द्वारा मनमाना उपयोग किया जा रहा है, जिससे गुणवत्ताविहीन निर्माण की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।
सभासदों का आरोप है कि उनके सुझाए गए कार्यों को नजरअंदाज कर चयनात्मक कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। नगर पंचायत के लिए खरीदे गए सामान की आपूर्ति बिल के अनुरूप नहीं होती। संघ अध्यक्ष विपिन कुमार वर्मा ने कहा कि नगर पंचायत कार्यालय को एक ही ठेकेदार संचालित कर रहा है, जहां सुविधाओं की आपूर्ति में फर्जीवाड़ा कर डीजल जैसे मदों में अत्यधिक बिल तैयार कर भुगतान कराया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, बिना बोर्ड की बैठक बुलाए कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है, जबकि पिछले दो वित्तीय वर्षों 2023-24 व 2024-25 के आय-व्यय विवरण मांगे जाने के बावजूद अब तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इस दौरान सभासद चंद्रेश, रोहित सिंह, राम कवल यादव, सेवालाल, नोमान सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे। वहीं, नगर पंचायत अध्यक्ष विनोद प्रजापति ने कहा कि वे फिलहाल बाहर हैं, लेकिन लौटते ही सभी शिकायतों की गंभीरता से जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।