कटेहरी स्थित दरवन झील का होगा कायाकल्प।
अंबेडकरनगर। जिले में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए प्रसिद्ध दरवन झील के विकास को शासन ने पांच करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। पहली किस्त में 25 लाख रुपये दिए गए थे। जिला प्रशासन की तैयारी यह है कि इस वेटलैंड का विकास ऐसा भव्य हो कि अयोध्या आने वाले दूरदराज के श्रद्धालु श्रवणक्षेत्र धाम व दरवन वेटलैंड देखने के लिए भी अंबेडकरनगर का रुख करें।
जिले में एक दर्जन से अधिक वेटलैंड का विकास करने की मुहिम जिला प्रशासन ने लगभग एक वर्ष से शुरू कर रखी है। इसमें कटेहरी विधानसभा क्षेत्र के दरवन वेटलैंड के सुंदरीकरण की शुरुआत डीएम अविनाश सिंह की अगुवाई में श्रमदान के जरिए हुई थी। अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों व स्थानीय लोगों ने मिलकर दरवन झील की वृहद सफाई का अभियान चलाया। डीएम ने इससे पहले इस वेटलैंड के विकास के लिए शासन को डीपीआर भेजा था। पहली किस्त के तौर पर 25 लाख रुपये मिले थे। इस रकम का उपयोग लगभग पांच सौ बीघा क्षेत्रफल में फैली झील के बंधे को ऊंचा करने के लिए मिट्टी पटाई में हुआ था। लगभग डेढ़ मीटर के बंधे की ऊंचाई बढ़ाकर साढ़े तीन मीटर की गई। अब इसी झील के विकास के लिए शासन ने दूसरी किस्त के तौर पर पांच करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि पर्यटन विभाग की तरफ से यह राशि बृहस्पतिवार को अवमुक्त कर दी गई है। पूरी राशि का बेहतर सदुपयोग यहां होगा। कुल आठ करोड़ 33 लाख 55 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति इस क्षेत्र के विकास को लेकर मिली हुई है।
ये काम होंगे
शासन ने दूसरी किस्त की जो राशि जारी की है, उससे लगभग 1300 मीटर दूरी में पक्के बंधे का निर्माण होगा। बंधे पर पिच सड़क बनेगी। झील की तरफ बड़े-बड़े पत्थरों से पिचिंग कराई जाएगी, जिससे बंधे में कटान न होने पाए। यहां शौचालय ब्लॉक का निर्माण कराने के साथ ही 18 पर्यटक बेंच लगाई जाएंगी। चूंकि यहां बिजली का कनेक्शन दूर तक नहीं है, इसलिए करीब 40 सोलर लाइट भी लगेगी। फूल पौधे लगाने के साथ छोटे पार्क भी बनेंगे, जिससे यहां आने वाले लोगों को सुखद एहसास हो सके।