केदारनगर (अंबेडकरनगर)। समितियों पर डीएपी खाद की कमी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी है। गन्ने की बुवाई व मेंथा की रोपाई के लिए किसानों को डीएपी पाने के लिए लगातार समितियों का चक्कर काटना पड़ रहा है। सस्ती दर की खाद न मिल पाने के कारण किसानों को निजी दुकानों से महंगे दाम पर डीएपी खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।
टांडा तहसील क्षेत्र के सहकारी समिति उतरेथू व साधन सहकारी समिति जगूई से सैकड़ों किसान जुड़े हुए हैं। यहीं से संबंधित किसानों को डीएपी व यूरिया की आपूर्ति होती है। इन दिनों दोनों समितियों से डीएपी खाद नदारद है। ऐसे में गन्ने की बुवाई व मेंथा की रोपाई करने वाले किसानों के समक्ष मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। गन्ने की बुवाई व मेंथा की रोपाई के दौरान डीएपी खाद का प्रयोग करते हैं। जिससे फसल बेहतर हो। लेकिन संबंधित समितियों पर डीएपी खाद उपलब्ध न होने से किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। तमाम किसान जहां निजी दुकानों से महंगे दाम पर डीएपी की खरीदारी कर रहे हैं तो वहीं कई किसान समितियों पर डीएपी की उपलब्धता होने की आस लगाए बैठे हैं।
उतरेथू समिति से जुड़े किसान लक्ष्मी नारायण तिवारी, रामचन्द्र वर्मा, विजय बहादुर मिश्र, जियालाल वर्मा आदि का कहना है कि जिम्मेदारों से शिकायत के बाद भी समिति पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित नही करायी जा रही। सहकारी समिति जगुई से संबंधित किसान सुरेंद्र सिंह, कमल पांडेय विजय भान मिश्र ने बताया कि डीएपी खाद न मिलने से गन्ने की बुवाई व मेंथा की रोपाई का कार्य प्रभावित हो रहा है।