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पार्टी कार्यालयों पर नहीं दिखी भीड़

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अंबेडकरनगर। करीब तीन माह से पार्टी कार्यालयों पर जुटने वाली भीड़ मतगणना के अगले ही दिन नदारद दिखी। जिले की पांचों सीटों पर जीत के बावजूद प्रदेश में बड़ी जीत न मिलने का असर जहां सपा कार्यालय पर दिखा, वहीं प्रदेश में जीत मिलने के बावजूद जिले से एक भी विधानसभा सीट न जीत पाने का मलाल भाजपा कार्यालय पर देखने को मिला। वहीं अक्सर गुलजार रहने वाले कांग्रेस व बसपा कार्यालय में भी मतगणना के अगले दिन सन्नाटे का आलम दिखा। भाजपा, सपा व कांग्रेस कार्यालय के गेट का ताला तो खुला मिला, लेकिन बसपा कार्यालय के मुख्य गेट का ताला तक नहीं खुल सका था।
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जिले की सभी पांच सीटों पर मिली करारी हार ने प्रदेश में जीत मिलने के बावजूद जिले के भाजपाइयों के उत्साह को फीका कर दिया है। वहीं जिले में सभी पांचों सीटों पर कब्जा जमाने के बावजूद प्रदेश में बड़ी जीत से वंचित सपा कार्यकर्ताओं में कोई उत्साह का माहौल नहीं दिखा। इसकी सच्चाई मतगणना के अगले दिन पार्टी कार्यालयों की सामने आयी तस्वीर से लगाई जा सकती है। चुनावी बिगुल बजने के बाद से गुलजार रहने वाले विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के कार्यालयों की हैरान करने वाली तस्वीर शुक्रवार को सामने आयी। अमर उजाला टीम ने शुक्रवार को भाजपा, सपा, कांग्रेस व बसपा कार्यालय पहुंचकर वहां की तस्वीर को अपने कैमरे में कैद किया।
भाजपा कार्यालय से भीड़ नदारद
दिन में करीब साढ़े 11 बजे टीम भाजपा कार्यालय पहुंची। यहां जिले में मिली करारी हार का असर साफ नजर आ रहा था। कार्यालय परिसर व आसपास नजर आने वाले लग्जरी वाहन नदारद थे। अटल भवन पर जहां हमेशा पार्टी कार्यकर्ताओं की भीड़ दिखती थी, वहीं सिर्फ 4-5 कार्यकर्ता ही नजर आए। बताया गया कि सुबह कुछ पदाधिकारी आए थे, लेकिन वे बाद में चले गए।
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सपा कार्यालय पर दिखे चंद लोग
जिले में सभी पांच सीटों पर प्रत्याशियों की जीत के बावजूद कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल नहीं दिखा। कार्यालय पर सपा जिलाध्यक्ष रामसकल यादव सिर्फ गिने-चुने कार्यकर्ताओं के साथ बैठे मिले। वे उनके साथ सीटवार समीक्षा कर रहे थे। प्रदेश में बड़ी जीत न मिलने के कारणों पर चर्चा हो रही थी। एक कार्यकर्ता ने यहां जिलाध्यक्ष से कहा कि 2012 में जब आप जिलाध्यक्ष थे, तब भी पार्टी ने सभी पांच सीटें जीती थीं। अब भी इसकी पुनरावृत्ति हुई है।
कांग्रेस कार्यालय पर सन्नाटा
पटेल नगर तिराहे के निकट स्थित कांग्रेस पार्टी कार्यालय पर सन्नाटा पसरा था। कार्यालय खुला था, लेकिन वहां बैठने वाला कोई नहीं था। यह कार्यालय आमतौर पर कार्यकर्ताओं से गुलजार रहा करता था, लेकिन शुक्रवार को यहां कोई भी जिम्मेदार नहीं दिखा। दरअसल सभी पांच सीटों पर पार्टी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई है। चार सीटों पर महिला प्रत्याशी देने का भी कोई लाभ पार्टी को नहीं मिला।
नहीं खुला बसपा कार्यालय का ताला
सबसे निराशाजनक तस्वीर बसपा कार्यालय की दिखी। पूर्वांचल कार्यालय के रूप में प्रसिद्ध इस पार्टी कार्यालय का शुक्रवार को दोपहर करीब 12 बजे तक मुख्य गेट का ताला ही नहीं खुल सका था। कारण भी साफ था कि पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी जहां तीन सीटों पर जीत दर्ज करने में सफल थी, वहीं इस बार खाता भी नहीं खुल सका। इसके चलते कार्यकर्ताओं में निराशा का माहौल है। इसका साफ असर पार्टी कार्यालय पर दिखा। कभी यहां पूर्वांचल के मंडल स्तरीय पदाधिकारियों की बैठकें होती थीं, और पूर्वांचल में बसपा की जीत-हार का समीकरण भी तय होता था। परंतु आज यह पार्टी कार्यालय पूरी तरह वीरान दिखायी पड़ा।
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