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मेले में उमड़ी भीड़, बच्चों ने झूलों का लिया आनंद

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श्रवणक्षेत्र (अंबेडकरनगर)। श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र श्रवणक्षेत्र धाम में आयोजित पांच दिवसीय मेले के तीसरे दिन मंगलवार को लोगों की भीड़ जुटी रही। सुबह से ही मेलार्थियों के आने का सिलसिला यहां शुरू हो गया, जो शाम तक जारी रहा। लोगों ने दिनभर मेले में लगीं दुकानों पर खरीदारी की। युवाओं के आकर्षण का केंद्र मौत का कुआं रहा तो बच्चों ने विभिन्न प्रकार के झूलों का आनंद उठाया। मेले का प्रसिद्ध मिष्ठान खजला भी अपनी खास जगह बनाए हुए है। महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर खरीदारी की।
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मातृ-पितृ भक्ति के प्रतीक श्रवण कुमार की निर्वाण स्थली श्रवणक्षेत्र धाम में अगहन पूर्णिमा के स्नान के साथ बीती 19 दिसंबर से पांच दिवसीय मेेले का शुभारंभ हुआ है। मेले में अंबेडकरनगर जनपद के अलावा पड़ोसी जनपदों सुल्तानपुर, आजमगढ़, अयोध्या आदि से भी श्रद्धालुओं का आगमन यहां होता है। मेले का खास पहलू यह है कि यहां रोजमर्रा के सामानों के साथ कृषि, घरेलू उपयोग के साथ कई अन्य तरह का सामान आसानी से उपलब्ध होता है। इसे देखते हुए लोग इन सामानों की बढ़-चढ़कर खरीदारी भी करते हैं।
मेले के तीसरे दिन मंगलवार को श्रद्धालुओं की भीड़ अन्य दो दिनों की अपेक्षा ज्यादा रही। मंगलवार सुबह से ही लोगों के आने का सिलसिला यहां शुरू हो गया, जो शाम तक जारी रहा। तमाम श्रद्धालुओं ने सरोवर में स्नान कर श्रवण कुमार की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पूजन-अर्चन किया। वहीं युवाओं के आकर्षण का केंद्र मौत का कुआं, ब्रेकिंग डांस व आर्केस्ट्रा रहा तो बच्चों ने भी विभिन्न प्रकार के झूलों का आनंद उठाया। इसके अलावा कृषि कार्य से जुड़े सामनों की भी खरीदारी खूब हुई। महिलाओं ने किचन से जुड़ा सामान खरीदा।
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दूसरी तरफ मेले का प्रसिद्ध मिष्ठान खजला भी अपना स्थान बनाए हुए है। खजला की खरीदारी के लिए दुकानों पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी। इसके अलावा कई अन्य तरह की दुकानों पर भी खरीदारों की आमद रही। वहीं पुलिस कर्मी सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मुस्तैद नजर आए। वहीं कुछ बच्चे व बच्चियां भीड़ के चलते अपने अभिभावकों से बिछड़ गईं। उन्हें ग्राम पंचायत निगरानी समिति की ओर से बनाए गए खोया-पाया केंद्र पर ले जाया गया। बाद में बच्चों को उनके माता-पिता के हवाले कर दिया गया। तीसरे दिन भीड़ को देखते हुए दुकानदारों के चेहरे खिले नजर आए।
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