राजेसुल्तानपुर नगर पंचायत में जांच के दौरान मौजूद एसडीएम, भाजपा जिलाध्यक्ष व चेयरमैन
अंबेडकरनगर। नगर पंचायत राजेसुल्तानपुर में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच उस वक्त राजनीतिक ड्रामा बन गई जब भाजपा जिलाध्यक्ष त्रयंबक तिवारी और नगर पंचायत अध्यक्ष विनोद प्रजापति के बीच मंगलवार को तीखी नोकझोंक हो गई। सभासदों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद एसडीएम आलापुर सुभाष सिंह मौके पर जांच के लिए पहुंचे थे, लेकिन जांच से पहले ही सियासी गरमाहट चरम पर पहुंच गई।
सभासदों ने डीएम अनुपम शुक्ला से मुलाकात कर चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी (ईओ) पर विकास कार्यों में 30 से 40 फीसदी कमीशनखोरी, और 16 संविदा कर्मचारियों के स्थान पर 60 से ज्यादा की फर्जी हाजिरी का आरोप लगाया था। डीएम के निर्देश पर एसडीएम नगर पंचायत जांच करने पहुंचे, तो भाजपा जिलाध्यक्ष व सभासद भी उनके साथ पहुंच गए। जांच के दौरान संविदा कर्मचारियों को बुलाया गया। 83 में से ज्यादातर के पास न तो पहचान पत्र थे, न ही उपस्थिति का ठोस प्रमाण।
इसी बीच भाजपा जिलाध्यक्ष और चेयरमैन के बीच कहासुनी शुरू हो गई। चेयरमैन विनोद प्रजापति ने आरोप लगाया कि जिलाध्यक्ष उनकी कुर्सी पर बैठ गए और उन्हें कार्यालय से बाहर जाने को कहकर अपमानित किया। वहीं जिलाध्यक्ष त्रयंबक तिवारी ने पलटवार करते हुए कहा कि चेयरमैन और ईओ खुद को बचाने के लिए सियासी नौटंकी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत का पूरा सिस्टम भ्रष्टाचार में आकंठ डूबा हुआ है, अब सच्चाई सामने आने से घबराए लोग मुद्दा भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। एसडीएम आलापुर सुभाष सिंह ने बताया कि शिकायत की जांच की जा रही है और रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।