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कहीं कनेक्शन नहीं, तो कहीं नहीं लगा मीटर

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अंबेडकरनगर। किसी के घर पर बिजली का कनेक्शन ही नहीं है फिर भी बिल आ रहा है। वहीं, तमाम लोग ऐसे हैं जिनके घर मीटर नहीं लगा है फिर भी बिल जमा करना पड़ रहा है। वहीं, कनेक्शन व मीटर के लिए लोग चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कुछ नहीं हो रहा है। नतीजा यह है कि इसका उपभोक्ताओं परेशान है। गुरुवार से बढ़ी हुई बिजली दरें भी लागू कर दी गई। ऐसे में बिना बिजली कनेक्शन के बिल दे रहे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
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बिजली की बढ़ी दरें गुरुवार से प्रदेश में लागू हो गई हैं। इससे उपभोक्ताओं की जेब और भी ढीली होगी। सबको चिंता है, लेकिन सबसे ज्यादा परेशान हैं वे उपभोक्ता, जिनके पास या तो कनेक्शन नहीं है या फिर मीटर नहीं लगा है। इनका कहना है कि उन्हें बेवजह बिल भरना पड़ रहा है। अब दरें बढ़ी हैं तो ज्यादा चपत लगेगी। खुद के साथ हो रही ज्यादती से मुक्ति दिलाने के लिए अधिकारियों से गुहार लगाई पर कुछ नहीं हुआ। वहीं, जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह है वे सुनवाई को तैयार ही नहीं हैं। पीड़ित उपभोक्ता जिम्मेदार अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर लगा रहे, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। अमर उजाला टीम ने जब इस संबंध में कुछ उपभोक्ताओं से बातचीत की तो उन्होंने कुछ इस प्रकार से अपना दर्द बयां किया-
सुलेमपुर निवासी रामनेवल ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि गांव में विद्युतीकरण तो हो गया है, लेकिन उनके घर में कनेक्शन नहीं हो सका है। कनेक्शन के लिए बीते चार माह से वह जिम्मेदार अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। बगैर कनेक्शन के ही उन्हें बिल जमा करना पड़ रहा है। कहा कि अब बढ़ी दर लागू हो गई है, तो ऐसे में अधिक बिल जमा करने की चिंता सताने लगी है।
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अशरफपुर के दयाराम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि घर का विद्युत कनेक्शन हुआ नहीं, लेकिन उन्हेें भारी भरकम बिल थमा दी गई है। इसकी शिकायत कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
इंदईपुर निवासी कामता प्रसाद ने कहा कि घर में मीटर तो लगा दिया गया है, लेकिन विद्युत कनेक्शन नहीं किया गया। बीते पांच से प्रत्येक माह उन्हें बिल थमा दी जा रही है। बीते दिनों ग्रामीणों के साथ जिम्मेदार अधिकारियों से मुलाकात कर न सिर्फ इस संबध में शिकायत की, बल्कि जर्जर तार को बदले जाने की भी मांग की गई। इसके बाद भी अब तक इस संबंध में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
अमेदा के रूपेश कहते हैं कि तार अत्यंत जर्जर हो चुके हैं। बीते तीन वर्ष से वह ग्रामीणों के साथ जिम्मेदार अधिकारियों से मुलाकात कर तारों को बदले जाने की मांग कर रहे, लेकिन कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। लापरवाही का आलम यह है कि वे घर में मीटर लगाए जाने की लेकर भी संबंधित कार्यालय का चक्कर लगा रहे, लेकिन कोई सुध नहीं ली जा रही है।
जिले में सभी गांवों के विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो गया है। घरों में मीटर लगाने का काम भी चल रहा है। जल्द ही इसे पूरा कर लिया जाएगा। बिना कनेक्शन के बिल देने की शिकायत सामने नहीं आई है। शिकायत आती है तो संज्ञान में लिया जाएगा।
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- वीके पटेल अधिशाषी अभियंता विद्युत
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