टांडा (अंबेडकरनगर)। एनटीपीसी परियोजना टांडा में कार्यरत एक निजी कंपनी के सुपरवाइजर से रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। रंगदारी न देने पर काम न करने देने व जान से मारने की धमकी दी गई है। इस मामले में तहरीर के आधार पर अलीगंज पुलिस ने माफिया अजय सिंह सिपाही समेत चार आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।
एनटीपीसी टांडा में लालचंद्र शर्मा प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी काम कर रही है। वादी सोहनलाल अस्थायी निवासी मखदूमनगर, काली मंदिर ने बताया कि वह कंपनी में बतौर सुपरवाइजर काम कर रहा है। वह मूल रूप से राजस्थान का निवासी है। बीती 28 मार्च की शाम वह सम्हरिया चौराहे पर स्थित शाह ढाबे पर बैठा था। इसी बीच माफिया अजय सिंह सिपाही, चंडी प्रसाद सिंह, विपिन तिवारी, शुभम सिंह आए और कहने लगे कि उसे यदि एनटीपीसी में काम करना है तो रंगदारी देनी पड़ेगी। रंगदारी न देने पर काम नहीं करने दिया जाएगा और जान से मार दिया जाएगा। इससे वह काफी भयभीत हो गया।
इसके बाद उसने कंपनी के उच्चाधिकारियों को सूचित किया। बाद में अलीगंज थाने में तहरीर दी। पुलिस ने इस मामले में माफिया अजय सिपाही सहित कुल चार आरोपियों के विरुद्ध रंगदारी मांगने व जान से मारने की धमकी देने आदि की धाराओं में केस दर्ज किया है। एसओ नागेंद्र सरोज ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की जा रही है।