टांडा (अंबेडकरनगर)। डीएम कार्यालय के अभिलेखागार में तैनात एक लिपिक समेत तहसील में तैनात एसडीएम टांडा के फौजदारी अहलमद के विरुद्ध न्यायालय के आदेश पर टांडा कोतवाली पुलिस ने सरकारी संपत्ति के गबन का मुकदमा दर्ज किया है। मामले की विवेचना पुलिस टीम ने शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि टांडा निवासी फातिमा बेगम ने एसडीएम टांडा न्यायालय में वर्ष 2014 में एक वाद दायर किया था। वर्ष 2019 व 2020 में उन्होंने अधिवक्ता परवेज अख्तर के जरिए न्यायालय से मुकदमे से जुड़ी कुछ पत्रावलियों की नकल प्राप्त करनी चाही। इसमें हीलाहवाली की गई। कई बार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद एसडीएम न्यायालय में तैनात लिपिक हरीलाल अकेला व धीरज श्रीवास्तव द्वारा नकल नहीं मुहैया करायी गई। बाद में पता चला कि मुकदमे से जुड़ी पत्रावली ही गायब कर दी गई है।
अधिवक्ता परवेज अख्तर ने दोनों कर्मचारियों के विरुद्ध केस दर्ज कराने के लिए पुलिस अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की। परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रार्थना पत्र दिया। सीजेएम ने टांडा कोतवाली को दोनों कर्मचारियों के विरुद्ध केस दर्ज करने का निर्देश दिया। टांडा कोतवाल विजेंद्र शर्मा ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है। (संवाद)