अंबेडकरनगर। भारत माला योजना के तहत जिले को चार बाईपास की सौगात मिलेगी। यह बाईपास सुरहुरपुर, कटेहरी, भिखारीपुर व गद्दोपुर गोसाईगंज में निकाले जाएंगे। इनके निर्माण से जिला मुख्यालय व अन्य स्थान पर आए दिन लगने वाले जाम से लोगों को काफी हद तक राहत मिलेगी। बाईपास का निर्माण समय पर हो सके, इसके लिए सर्वे शुरू कर दिया गया है। जल्द ही सर्वे पूरा कर लिया जाएगा। उम्मीद है कि 2020 के आखिर तक बाईपास निर्माण शुरू हो जाएगा।
लोगों को आने-जाने में किसी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए बड़े पैमाने पर न सिर्फ सड़क, बल्कि एनएच का निर्माण कराया जा रहा है। केंद्र व प्रदेश सरकारों द्वारा अलग-अलग योजनाओं के तहत निर्मित होने वाली सड़कों का व्यापक लाभ जिले को भी मिल रहा है। न सिर्फ एनएच 232 व एनएच 233 का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण है, बल्कि अयोध्या से बसखारी तक फोरलेन के निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। अंबेडकरनगर जनपद से ही होकर पूर्वांचल एक्सप्रेस वे व गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे भी होकर गुजर रहा है। इन मार्गों के निर्माण के बाद आवागमन प्रारंभ होने पर जिले के लोगों को व्यापक लाभ मिलेगा।
इस बीच अब भारत माला योजना के तहत वाराणसी से अंबेडकरनगर होते हुए अयोध्या तक जाने वाले फोरलेन से जिले को चार बाईपास की सौगात मिलेगी। एडीएम कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक वीरसेन पाण्डेय ने बताया कि भारतमाला योजना के तहत बनने वाले फोरलेन से अंबेडकरनगर जिले में चार बाईपास का निर्माण होगा। इसमें शाहगंज से सुरहुरपुर आने वाले मार्ग पर, महरुआ मार्ग पर भिखारीपुर गांव के पास से अयोध्या मार्ग तक, कटेहरी में बसंतपुर के पास से व अहिरौली में यादवनगर से गोसाईगंज बाइपास का निर्माण होगा। बताया कि बाईपास के लिए एनएचएआई सर्वे का कार्य कर रहा है।
जल्द ही सर्वे का पूर्ण कर लिया जाएगा। बताया कि वर्ष 2020 के अंत तक बाईपास निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। चार बाईपास का निर्माण होने से जिला मुख्यालय के अलावा अन्य नगरीय क्षेत्रों में लगने वाली जाम की समस्या से लोगों को काफी हद तक राहत मिलेगी। विशेषकर जिला मुख्यालय पर जाम की समस्या से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
भारत माला योजना के तहत वाराणसी से अंबेडकरनगर होते हुए अयोध्या तक फोरलेन का निर्माण होना है। एनएचएआई की ओर से बनने वाले इस फोरलेन से जिले को चार बाईपास की सौगात मिलेगी। बाईपास निर्माण के लिए एनएचआई सर्वे कर रहा है।
- वीके त्रिपाठी, प्रभारी, भारतमाला योजना