यूपी के अंबेडकरनगर में धान की कटाई जारी है। गन्ना पेराई का सत्र भी शुरू होने वाला है। इसको देखते हुए पराली जलाने से रोकने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली स्तर से निगरानी शुरू हो गई है। पराली प्रबंधन की मॉनीटरिंग जिले में चार स्तर पर होगी। इसके लिए टीमें गठित की गई हैं। इसमें जिला, तहसील, ब्लॉक व ग्राम पंचायत स्तर पर जिम्मेदारी तय की गई है।
किसानों पर लगने वाला आर्थिक जुर्माना भी बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है। अब पांच हजार से लेकर 30 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक जुर्माना लगाया जाएगा। जिला कृषि अधिकारी अरविंद चौधरी ने बताया कि पराली को जलाने के बजाय फसल अवशेष प्रबंधन के यंत्रों से खेत में ही मल्चिंग कर दें। इसके अलावा डी कंपोजर की सहायता से कार्बनिक या जैविक खाद बनाकर प्रयोग में ला सकते हैं।
इस प्रकार गठित हुई टीमें-
- जिला स्तर पर - एडीएम वित्त एवं राजस्व
- तहसील स्तर पर - एसडीएम
- विकास खंड स्तर पर - बीडीओ
- ग्राम पंचायत स्तर पर - ग्राम प्रधान
उपकृषि निदेशक डॉ. अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि पराली जलाने पर इस बार आर्थिक जुर्माने को गत वर्ष की तुलना में दोगुना कर दिया गया है। साथ ही चार स्तरों पर निगरानी व जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। किसानों को पराली प्रबंधन के बारे में जागरूक किया जा रहा है।