अंबेडकरनगर। कानपुर, बरेली व मेरठ के कंबल पूर्वांचल के ऐतिहासिक गोविंदसाहब मेले में धमाल मचा रहे हैं। भेड़ के बाल से बने कंबल की मांग सबसे अधिक है। मेले में आने वाले श्रद्धालु एक तरफ जहां खजला मिठाई खरीद रहे हैं, तो वहीं कंबल की भी जमकर खरीदारी कर रहे हैं। मौसम के बदले मिजाज के कारण भी कंबल की बिक्री में भी वृद्धि हुई है। इससे कंबल विक्रेताओं के चेहरे खिल उठे हैं।
गोविंदसाहब मेला अब अंतिम दौर में है। इसे देखते हुए पूजन-अर्चन व खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मेले में पहुंच रहे हैं। अंबेडकरनगर के अलावा जौनपुर, संतकबीरनगर, गाजीपुर, आजमगढ़ समेत कई अन्य जनपद से पहुंचने वाले श्रद्धालु न सिर्फ पूजा-अर्चना कर रहे हैं, बल्कि दैनिक जीवन में उपयोग में आने वाली वस्तुओं की भी खरीदारी कर रहे हैं। इसमें फर्नीचर, बर्तन, शृंगार के अलावा कानपुर, बरेली व मेरठ के कंबल अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं। मेरठ से आए बब्लू ने बताया कि भेड़ के बाल से तैयार कंबल 18 हजार से 20 हजार रुपये तक में बिक रहे हैं। कानपुर के कमलेश कुमार ने कहा कि हाथ से बनाए गए कंबल की मांग भी अधिक है। इस प्रकार के कंबल पांच हजार से आठ हजार रुपये में बिक रहे हैं। एक अन्य दुकानदार बरेली के शंभूनाथ ने कहा कि मौसम के करवट बदलने से कंबल की बिक्री में भी तेजी आई है। बताया कि वे बीते 40 वर्ष से कंबल की दुकान लगाने के लिए यहां आ रहे हैं।