अंबेडकरनगर। कभी सिलाई कर अपने परिवार का खर्च चलाने वाली बिंदु गुप्ता आज गांव में आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी हैं। जलालपुर क्षेत्र के करौंदी गौसपुर की रहने वाली बिंदु ने साल 2020 में श्रीराम स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपनी नई राह बनाई।
शुरुआती दिनों में बिंदु सिलाई से जो आमदनी करती थीं, उससे परिवार का खर्च चलाना मुश्किल था। लेकिन जब वे स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं, तो उनकी लगन और कार्यकुशलता को देखते हुए राष्ट्रीय आजीविका मिशन की ओर से उन्हें बीमा सखी के रूप में प्रशिक्षण दिलाया गया। इसके बाद बिंदु ने गांव के लोगों को बैंकिंग और बीमा सेवाओं से जोड़ने का संकल्प लिया। आज उनकी ई-केंद्र पर प्रतिमाह 50 से 60 लाख रुपये तक का लेन-देन होता है, जिससे उन्हें स्थायी आमदनी भी हो रही है।
बिंदु बताती हैं कि बीसी सखी बनने से पहले मैं घर पर सिलाई करती थी। तब आमदनी सीमित थी, लेकिन इस काम से जुड़ने के बाद जिंदगी में बड़ा बदलाव आया है। शुरू में झिझक थी और लोगों का सहयोग नहीं मिलता था, पर अब पूरा गांव मेरे साथ है।