अंबेडकरनगर। लगभग दो वर्ष बाद जिला अस्पताल परिसर स्थित आयुष विंग को दो फार्मासिस्ट मिल ही गए। इससे एक तरफ जहां चिकित्सक ने राहत की सांस ली है, तो वहीं मरीजों को भी दवा के लिए इंतजार करने से छुटकारा मिला है।
जिला अस्पताल परिसर में स्थित आयुष विंग में तैनात फार्मासिस्ट का लगभग दो वर्ष पहले निधन हो गया था। एक पद पहले से रिक्त था। इसके बाद से यह विंग चिकित्सक के भरोसे चल रहा था। फार्मासिस्ट न होने से चिकित्सक न सिर्फ मरीज देखते थे, बल्कि उन्हें ही दवाएं भी देनी पड़ती थीं। इससे एक तरफ जहां चिकित्सकों को विभिन्न प्रकार की मुश्किल हो रही थी, तो वहीं दवा के लिए मरीजों को लंबा इंतजार भी करना पड़ता था। फार्मासिस्ट की तैनाती को लेकर कई बार जिम्मेदारों से शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही थी। नतीजा यह कि इसका खामियाजा मरीजों व उनके तीमारदारों को भुगतना पड़ रहा था।
इस बीच बीते दिनों चिकित्सक व मरीजों को उस समय राहत मिली, जब विंग में दो फार्मासिस्ट आनंद निगम व राहुल की तैनाती हो गई। इससे न सिर्फ चिकित्सक को दवा देने से निजात मिली, बल्कि मरीजों को भी जल्दी ही दवा मिल रही है। बुधवार को विंग में मिले तीमारदार संग्राम व भाष्कर ने कहा कि पहले दवा के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था, लेकिन आज फार्मासिस्ट होने के चलते जल्दी दवा मिल गई।