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युवती की जान बचाने को देवदूत बने इंटर्न चिकित्सक

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अंबेडकरनगर। जीवन-मौत के बीच जूझ रही युवती की जान बचाने के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज के चार इंटर्न चिकित्सक देवदूत की तरह आगे आए। युवती का हीमोग्लोबिन काफी कम हो गया था। जीवन बचाने को तत्काल रक्त की जरूरत थी। संगदिल रिश्तेदारों व परिचितों ने भी रक्त देने से किनारा कस लिया। ऐसे में मेडिकल कॉलेज के चार इंटर्न चिकित्सकों ने रक्तदान की पहल करते हुए युवती के लिए जरूरी खून का प्रबंध किया। परिवारीजनों ने इसके लिए इंटर्न चिकित्सकों की सराहना करते हुए उन्हें देवदूत तुल्य बताया।
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नेवादा मठिया निवासी बुजुर्ग बच्चूलाल बीते दिनों अपनी पुत्री रीता को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। वहां युवती की खराब हालत देख कर मेडिकल कॉलेज रिफर कर दिया गया। चिकित्सक डॉ बाबूलाल ने युवती को तत्काल भर्ती करते हुए खून की जांच करवाई तो पता चला कि हीमोग्लोबिन की मात्रा काफी कम है और उसे तत्काल खून चढ़ाने की जरूरत है। परिवारीजनों ने अपने रिश्तेदारों व परिचितों का सहारा लेना शुरू किया, लेकिन एक एक कर सभी ने कोई न कोई कारण बताकर किनारा कसना शुरू कर दिया।
युवती की जान बचाने के लिए इलाज कर रहे चिकित्सक ने युवान फाउंडेशन अध्यक्ष प्रवीण गुप्त से संपर्क साधा। वह तत्काल मेडिकल कॉलेज पहुंचे और ब्लड बैंक से समन्वय स्थापित कर एक यूनिट रक्त तत्काल उपलब्ध कराया। इसके बाद प्रवीण ने मेडिकल कॉलेज के इंटर्न चिकित्सक डॉ विवेक से मरीज की परेशानी को साझा किया। इस पर डॉ. विवेक ने कहा कि कहीं और भटकने की जरूरत नहीं। वह अपने कुछ साथियों के साथ स्वयं रक्तदान को तैयार हैं। इसके बाद डॉ प्रिया जायसवाल, डॉ अविनाश एवं डॉ विशाल चौधरी ने भी रक्तदान के लिए हामी भर दी। चारों चिकित्सक इसके बाद मेडिकल कॉलेज स्थित ब्लड बैंक पहुंचे। वहां रक्तदान कर जरूरी खून का प्रबंध कर पीड़िता की जान बचाने में अहम भूमिका निभायी।
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