अंबेडकरनगर। ई ऑफिस प्रणाली को बेहतर ढंग से लागू करने और फाइलों को आगे बढ़ाने में अंबेडकरनगर को प्रदेश में पहला पायदान मिला है। बाराबंकी दूसरे तो रामपुर तीसरे पायदान पर है। ई ऑफिस प्रणाली लागू करवाने के साथ ही नौ हजार से ज्यादा फाइलों को ऑनलाइन मूव कराकर जिले को यह उपलब्धि मिली है। अब विभागों रैंकिंग बनाए रखने के लिए नियमित रूप से फाइलों को प्रेषित करने के निर्देश दिया गए हैं।
दरअसल ई ऑफिस प्रणाली को लागू करने की प्रक्रिया करीब एक साल पहले ही शुरू कर दी गई थी। सबसे पहले जिलाधिकारी कार्यालय को इस प्रक्रिया से जोड़ा गया था। इसके बाद अन्य विभागों को डीएससी (डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट) के लिए आवेदन करने के निर्देश दिए गए थे। विभागों के रुचि न लेने के कारण इसमें समस्या आ रही है। राज्य स्तर पर ई ऑफिस प्रणाली को देख रही एजेंसी की ओर से लगातार पत्राचार किया जा रहा था।
पिछले छह माह से डीएम और सीडीओ स्तर पर नियमित निगरानी शुरू की गई। इसके बाद जिले के 56 विभागों से डीएससी के लिए 270 आवेदन आए, जिसके मुकाबले 264 की डीएससी जारी की गई। इसी के साथ सात मास्टर ट्रेनर्स बनाए गए, जिन्होंने विभागवार प्रशिक्षण देना शुरू किया। इसके फलस्वरूप 27 मई को शासन स्तर पर हुई समीक्षा में 9773 फाइलों के साथ जिले को प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त हुआ। वहीं, बाराबंकी ने 9661 और रामपुर ने 9501 फाइलें चलाकर क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया।
ऐसे मिली सफलता
हर विभाग की प्रतिदिन मॉनिटरिंग करते हुए नोडल अधिकारी बनाए गए। मास्टर ट्रेनरों को विभाग में भेज कर अधिकारियों कर्मचारियों की समस्याओं का निस्तारण कराया गया। स्टेट एजेंसी से समन्वय बनकर व्यवधानों को समाप्त कराया गया।
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विभागों की नियमित मॉनिटरिंग के फलस्वरूप प्रदेश में सबसे ज्यादा फाइलों को ऑनलाइन चलाकर यह उपलब्धि हासिल हुई है। सभी विभागों को रैंकिंग बनाए रखने के लिए लगातार इस पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
आनंद कुमार शुक्ला, सीडीओ
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सभी अधिकारियों, कर्मचारियों के समन्वय से ई ऑफिस प्रणाली का बेहतर ढंग से लागू किया गया है। विभागाध्यक्षों की जिम्मेदारी तय की गई है कि निरंतरता बनाए रखें।
अनुपम शुक्ला, जिलाधिकारी