अंबेडकरनगर। ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों की सुविधाओं को बेहतर बनाने और नौनिहालों को बेहतर शिक्षा व पोषण प्रदान करने की दिशा में कदम उठाया गया है। विलय के बाद खाली स्कूल भवनों का उपयोग कर आंगनबाड़ी केंद्रों को अधिक व्यवस्थित और सुसज्जित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। अब इन खाली स्कूलों में नौनिहाल चहकेंगे।
जिले में विलय के बाद खाली हुए 221 प्राइमरी स्कूलों में दो महीने के अंदर आंगनबाड़ी केंद्र स्थानांतरित किए जाएंगे। विभाग के अनुसार करीब 141 पहले से आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इससे संसाधनों के बेहतर प्रयोग के लिए जिलों में पेयरिंग के बाद विद्यालयों का प्रयोग बाल वाटिका के रूप में किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने इसके लिए डीएम को स्थानांतरण की प्रकिया और टाइमटेबल जारी किया है। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने अब स्कूलों का सर्वे कराकर स्थानांतरण की तैयारी भी शुरू कर दी है। इस स्थानांतरण में उन स्कूलों की पहचान की जाएगी, जहां पर्याप्त जगह और सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति गठित की गई है। इसमें मुख्य विकास अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी और बाल विकास परियोजना अधिकारी शामिल हैं। यह समिति स्थानांतरण प्रक्रिया की देखरेख करेगी। स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं का सर्वेक्षण किया जाएगा। जहां जरूरत होगी, वहां अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
पहले चरण के ब्लॉकों में विलय स्कूल
ब्लॉक- संख्या
अकबरपुर- 66
टांडा- 36
कटेहरी- 30
बसखारी- 23
भियांव- 23
रामनगर- 13
भीटी- 10
जहांगीरगंज- 10
जलालपुर- 08
टांडा नगर क्षेत्र- 02
221 स्कूलों की सूची जारी कर दी गई है। विद्यालयों का प्रयोग बाल वाटिका के रूप में किया जाएगा। इसके लिए स्कूलों का सर्वे किया जा रहा है। भीटी और रामनगर का सर्वे हो गया है। दो महीने में स्थानांतरण प्रक्रिया को पूरी करनी है। -एसके सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी