अंबेडकरनगर। चुनावी समर जीतने के लिए नयी सीट की चुनौती भी समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी व पूर्व मंत्री राममूर्ति वर्मा के आड़े नहीं आयी। उन्होंने शुरूआती तौर पर उपजी स्थानीय कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दूर करते हुए 32 हजार मतों के अंतर से भाजपा प्रत्याशी को हरा कर दो दशक बाद सबसे बड़ी जीत हासिल की। बीते दो दशक के दौरान इस सीट पर हुए चुनावों में तमाम उतार चढ़ाव देखने को मिले लेकिन इतने बड़े अंतर से कोई भी प्रत्याशी जीत हासिल करने में सफल नहीं हुआ। राममूर्ति के बाद मतों के अंतर के हिसाब से दूसरी बड़ी जीत जलालपुर के नवनिर्वाचित विधायक राकेश पांडेय को मिली। उन्होंने अपने विरोधी को 13 हजार से अधिक मतों से पराजित किया। जिले में सबसे कम 7696 वोट के अंतर से जीत कटेहरी सीट से सपा से चुनाव लड़ने वाले लालजी वर्मा को मिली।
अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र से सक्रिय राजनीति करने वाले पूर्व मंत्री राममूर्ति वर्मा को सपा नेतृत्व ने जब टांडा सीट से चुनाव मैदान में उतारने का ऐलान किया तो न सिर्फ पार्टी कार्यकर्ता वरन आम लोग भी चौंक गए थे। मुस्लिम बाहुल्य वोटरों के कारण इस सीट पर सपा के दावेदारों में से ज्यादातर मुस्लिम वर्ग के नेता ही शामिल थे। शुरूआती दौर में अल्पसंख्यकों की तरफ से उठने वाले विरोध के स्वर से पार्टी के टिकट देने के निर्णय पर लोगों ने सवाल भी खड़े कर विरोध जताना शुरू कर दिया था।
इसके बावजूद पुराने राजनैतिक कौशल व सांगठनिक क्षमता के दम पर राममूर्ति ने कम समय में ही चुनाव को बेहतर ढंग से खड़ा कर रिकार्ड जीत हासिल करने में सफलता भी हासिल की। चुनाव के दौरान उन्होंने न सिर्फ अल्पसंख्यक मतों वरन सपा के परंपरागत यादव मतदाताओं को भी अपने साथ रखते हुए भाजपा से खड़े सजातीय कुर्मी प्रत्याशी से जुड़े ज्यादातर वोटरों को भी अपने पाले में खींच कर जीत हासिल की। वर्ष 2000 के बाद से हुए चुनाव में अब तक जिले की किसी भी सीट पर इतने बड़े अंतर से कोई दूसरा प्रत्याशी जीत हासिल नहीं कर पाया था। अंतिम तौर पर घोषित चुनाव परिणाम में राममूर्ति ने भाजपा प्रत्याशी कपिलदेव को 32097 मतों से पराजित किया।
जलालपुर से वर्ष 2002 में विधायक रह चुके सपा प्रत्याशी राकेश पांडेय ने जलालपुर का नया विधायक बनने के साथ बसपा प्रत्याशी डॉ राजेश सिंह को 13630 मतों के अंतर से हराया। राकेश 2002 में लगभग पांच हजार मतों के अंतर से जीतकर विधायक बने थे। अकबरपुर के नया सपा विधायक रामअचल राजभर ने भाजपा के धर्मराज निषाद को 12336 और आलापुर के सपा विधायक त्रिभुवनदत्त ने भाजपा प्रत्याशी त्रिवेणीराम को 9383 मतों के अंतर से हरा कर जीत हासिल की। इस जिले में घोषित चुनाव परिणाम में सबसे कम 7696 मतों से जीत कटेहरी विधायक लालजी वर्मा को मिली। मतगणना के दौरान एक समय तक वह अपने विरोधी से 20 हजार से भी अधिक मतों से आगे चल रहे थे।
वर्ष 2017 में 14 हजार वोट तक ही सिमटी थी हार-जीत
पिछले विधानसभा सामान्य चुनाव में सभी पांच सीट पर जीत का सबसे बड़ा अंतर सिर्फ 14 हजार के निकट था। अकबरपुर के बसपा प्रत्याशी रामअचल राजभर ने सपा प्रत्याशी राममूर्ति वर्मा को 14013 मतों से हराया था। जलालपुर सीट पर बसपा प्रत्याशी रितेश पांडेय ने भाजपा के राजेश सिंह को 13030 मत से हराया था। आलापुर की भाजपा प्रत्याशी अनीता कमल 12513 मत से सपा की संगीता को पराजित कर विधायक बनी थीं। कटेहरी में बसपा प्रत्याशी लालजी वर्मा ने 6287 मत के अंतर से भाजपा के अवधेश द्विवेदी को पीछे छोड़ा था। सबसे रोमांचक मुकाबला टांडा सीट पर हुआ था। अंतिम चरण तक सांस रोक देने वाली मतगणना में भाजपा प्रत्याशी संजू देवी मात्र 1725 मतों से सपा के अजीमुलहक पहलवान को हरा कर जीती थी।