अंबेडकरनगर। जिले के अलीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत आसोपुर बगिया निवासी 19 वर्षीय रोहित चौहान का शव मंगलवार रात बलुवहवा पोखरा के पास एक पेड़ से लटकता मिला। परिजनों ने प्रेम प्रसंग के चलते हत्या की आशंका जताई और शव लटकाने का आरोप नेहरूनगर निवासी एक युवती व उसके परिजनों पर लगाया।
पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज न किए जाने से आक्रोशित परिजनों व ग्रामीणों ने बुधवार को अयोध्या-टांडा राष्ट्रीय राजमार्ग पर शव रखकर करीब दो घंटे तक जाम लगाया। पुलिस की समझाइश और एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद ही जाम समाप्त हुआ और देर शाम रोहित का अंतिम संस्कार किया गया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। मृतक के बड़े भाई कुनाल चौहान ने बताया कि रोहित मंगलवार रात साढ़े नौ बजे रामलीला देखने बलुवहवा पोखरा गया था। रात 10:19 बजे उसके मोबाइल पर एक युवती का फोन आया और उसने कहा, अपने भाई को बचा लीजिए, वरना हमारे परिजन उसे मार डालेंगे। इसके बाद से रोहित का मोबाइल बंद हो गया और खोजबीन शुरू की गई। रात 11:30 बजे पुलिस को सूचना दी गई। लोकेशन ट्रेस करने पर कॉल नेहरूनगर से होना पाया गया। इसी बीच मृतक के मित्र सुनील पांडेय को रोहित के नंबर से एक मैसेज मिला, जिसमें उसे पोखरे के पास बुलाया गया था। जब सुनील और कुनाल वहां पहुंचे तो रोहित का शव बेल के पेड़ से लटकता मिला।
एफआईआर के बाद शांत हुआ आक्रोश
परिजनों ने युवती अंशिका साहू, उसके भाई और माता-पिता पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी। लेकिन देर शाम तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। इसके विरोध में परिजन शव लेकर घुरयहिया मोड़ के पास हाईवे जाम कर बैठ गए। करीब दो घंटे तक सीओ टांडा शुभम कुमार और थाना प्रभारी ने लोगों को समझाया, लेकिन जब बात नहीं बनी तो पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद परिजन शांत हुए और शाम को अंतिम संस्कार किया गया।
सदमे में परिवार, गांव में पसरा मातम
मृतक के पिता जगदीश चौहान पल्लेदारी करते हैं। रोहित चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था और कटेहरी के एक कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई कर रहा था। भाई कुनाल, मिथुन और कृष्ण मोहन मजदूरी करते हैं, जबकि बहन सरिता (18) की शादी की तैयारियां चल रही थीं। रोहित की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मचा हुआ है, पूरे गांव में शोक की लहर है।
मामले की जांच शुरू
परिजनों की तहरीर पर युवती व उसके परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है, जल्द सच्चाई सामने लाई जाएगी।
— शुभम कुमार, क्षेत्राधिकारी, टांडा