फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्टांप वितरण में मनमानी को लेकर भड़के छात्र

Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
AmbedkarNagar
विज्ञापन
विज्ञापन
आलापुर। उपकोषाधिकारी कार्यालय से 10-10 रुपये का स्टांप नहीं मिलने से नाराज छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को जहांगीरगंज बसखारी मुख्यमार्ग जाम कर एसडीएम के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। इस दौरान तहसील परिसर में तोड़ फोड़ किए जाने की भी खबर है। छात्रों की नाराजगी के चलते काफी देर परिसर में अफरातफरी का माहौल रहा। बाद में एसडीएम द्वारा स्टांप वितरण शुरू कराये जाने पर छात्रों का गुस्सा शांत हुआ। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया और सुचारु तरीके से स्टांप बिक्री का कार्य प्रारंभ कराया।
विज्ञापन

ज्ञात हो कि बीए, एमए एवं उच्च कक्षाओं में छात्रवृत्ति फार्म के साथ 10 रुपये का स्टांप पर नोटरी अनिवार्य किये जाने के बाद स्टांप वेंडरों द्वारा 10 रुपये का स्टांप की कालाबाजारी शुरू हो गयी है। मंगलवार को इसे लेकर तहसील में स्टांप लेने पहुंचे छात्रों व उनके परिजनों में आक्रोश फैल गया। सिंगादी देवी स्मारक महाविद्यालय, भीखपुर महाविद्यालय, लल्लनजी ब्रह्मचारी समेत कई शिक्षण संस्थानों से बड़ी संख्या में पहुंचे छात्र-छात्राओं का धैर्य जवाब दे गया। बड़ी संख्या में आक्रोशित छात्रों व उनके परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया। उनका आरोप था कि वे कई दिनों से उपकोषागार कार्यालय एवं स्टांप बेंडरों के पास स्टांप खरीदने के लिए आ रहे हैं। उनसे स्टांप के नाम पर वसूली की जा रही थी। इसकी शिकायत भी कई बार संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई सार्थक पहल नहीं की गई। इससे उन्हें विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान तहसील प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी भी की गई। मुख्य गेट के सामने एकत्रित होकर जमकर नारेबाजी की और जहांगीरगंज बसखारी मुख्य मार्ग जाम कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम नुरुलहसन आननफानन में पहुंचे। उन्होंने समस्याओं को निस्तारण कराने का आश्वासन दिया और स्टांप बिक्री शुरू करवा दी। इसके बाद छात्रों का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने जाम समाप्त कर दिया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने अपनी देखरेख में स्टांप का वितरण प्रारंभ कराया। उधर छात्र यमुना प्रसाद, राहुल कुमार, अनूप, धमेन्द्र, दिनेश, अक्षय कुमार, सुरजीत, पवन कुमार व हरिओम आदि ने आरोप लगाया कि तहसील प्रशासन जानबूझकर छात्रों को परेशान कर रहा था। एसडीएम नूरुल हसन ने किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ किए जाने से इंकार किया है। बताया कि बाद में सुचारु तरीके से स्टांप की बिक्री प्रारंभ हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें