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तीसरी लहर से बचाने को 410 बेड़ तैयार

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अंबेडकरनगर। कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर से लोगों को बचाने के लिए अलग-अलग अस्पतालों में 410 बेड सक्रिय कर दिए गए हैं। इनमें से 160 बेड सिर्फ बच्चों के लिए आरक्षित हैं, जिससे किसी भी विशेष परिस्थिति में उनका इलाज प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जा सके। ज्यादातर बेडों पर ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है। पर्याप्त संख्या में पीपीई किट व दवाओं की भी उपलब्धता हो गई है। जिला प्रशासन ने बीते दिनों ही जरूरी रिहर्सल भी कर लिया है। डीएम सैमुअल पॉल एन ने कहा है कि तीसरी लहर से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है। ऑक्सीजन से लेकर दवाओं व अन्य संसाधनों की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त सजगता व समय रहते इलाज से हम सब कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर का आसानी से मुकाबला कर सकेंगे।
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कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए जिले में प्रशासन ने कमर कस ली है। संक्रमितों का समय पर इलाज सुनिश्चित हो सके और ऑक्सीजन समेत दवाओं आदि की किसी भी प्रकार से कमी न रहे, इसे लेकर जिम्मेदारों की ओर से पूरी गंभीरता दिखाई जा रही है। मौजूदा समय में अलग-अलग अस्पतालों में कुल 410 बेड सक्रिय कर दिए गए हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर का प्रतिकूल प्रभाव बच्चों पर अधिक पड़ेगा। इसे देखते हुए इन बेडों में 160 बेड बच्चों के लिए आरक्षित हुए हैं हैं।
अपर सीएमओ डॉ. आशुतोष सिंह ने बताया कि जिले के चार ब्लॉकों भीटी, भियांव, जलालपुर व टांडा स्थित मातृ शिशु विंग को एल-1 प्लस अस्पताल बनाया गया है। प्रत्येक अस्पताल में 10-10 बेड बच्चों के लिए आरक्षित हैं। प्रत्येक वार्ड में आठ बेड आइसोलेशन व 2 बेड ऑक्सीजन के हैं। इसके अलावा जिला अस्पताल परिसर में 20 बेड व राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में 100 बेड बच्चों के लिए आरक्षित हैं। इन सभी बेडों पर बच्चों का इलाज बेहतर ढंग से हो, इसके लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जा रही है।
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स्वास्थ्य महकमा बच्चों के अलावा अन्य नागरिकों को भी कोविड संक्रमण से बचाने के लिए सक्रिय हो गया है। कोरोना की पहली व दूसरी लहर के दौरान संचालित टांडा मातृ शिशु विंग के 100 बेड, राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर के 100 बेड, जिला अस्पताल के 40 बेड तथा जलालपुर मातृ शिशु विंग के 10 बेड भी सक्रिय हैं। इन बेडों पर बच्चों के अलावा अन्य नागरिकों का उपचार व आइसोलेशन होगा। इस प्रकार कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए कुल 410 बेड सक्रिय हैं।
एल-1 प्लस अस्पतालों मेें भेजी जा रहीं दवाएं
डॉ. आशुतोष सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए बच्चों के लिए जो एल-1 प्लस अस्पताल बनाए गए हैं, वहां दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। शासन स्तर से ही संबंधित अस्पतालों में दवाएं भेजी जा रही हैं। इसके अलावा जो अस्पताल पूर्व से सक्रिय हैं, उनमें भी दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
97 चिकित्सकों व कर्मियों को दिया प्रशिक्षण
सीएमओ डॉ. श्रीकांत शर्मा ने बताया कि कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। समय रहते मरीजों का समुचित इलाज सुनिश्चित हो सके, इसके लिए बीते दिनों ही 97 चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया था। बताया कि 19 चिकित्सक, 12 लैब टेक्नीशियन, 6 एनेस्थीसिया व 60 स्टाफ नर्स को विशेष प्रशिक्षण इस संबंध में दिया जा चुका है।
जिले में पूरी तैयारी
कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर से निपटने की पूरी तैयारी जिले में है। स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रतिदिन इस पर काम कर रही है। जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। दवाओं की उपलब्धता से लेकर ऑक्सीजन व पीपीई किट की कोई दिक्कत नहीं है। सभी की पर्याप्त उपलब्धता है। आम नागरिकों की सजगता व एहतियात के साथ साथ तत्परतापूर्वक इलाज के जरिए हम सब कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर पर आसानी से काबू पा लेंगे।
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-सैमुअल पॉल एन, जिलाधिकारी
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