जलालपुर (अंबेडकरनगर)। स्थानीय सीएचसी से जुड़े दो दर्जन से अधिक उप स्वास्थ्य केंद्र आज भी किराए के भवनों में संचालित हो रहे हैं। इन उप स्वास्थ्य केंद्रों को अब तक अपना निजी भवन नसीब नहीं हो सका है। किराए में भवनों में संचालित होने के चलते इन स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज की समुचित व्यवस्था भी नहीं हो रही है। नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग से इन उप केंद्रों का अपना भवन उपलब्ध कराने की मांग की है।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत तहसील क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में उप स्वास्थ्य केंद्रों को स्थापित किया गया था। जलालपुर सीएचसी क्षेत्र में कुल 39 उप स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए थे। इनमें से 15 स्वास्थ्य केंद्रों को अपना भवन मिल सका है। इसमें उसरहा, भाऊकुआ, अशरफपुर भुआ, रसूलपुर बाकरगंज, हजपुरा आदि उप स्वास्थ्य केंद्र हैं, जहां भवन निर्माण हो चुका है।
इसके अलावा 24 ऐसे स्वास्थ्य केंद्र हैं, जिन्हें अब तक अपना निजी भवन नसीब नहीं हो सका है। इसमें सुरहुरपुर, बड़ागांव, खजुरी, लौधना, गयासपुर, अशरफपुर मजगवां सहित 24 ऐसे स्वास्थ्य केंद्र हैं, जिन्हें निजी भवन मिलने का इंतजार है। इन उप स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन किराए के भवनों में हो रहा है। इससे यहां पर पर्याप्त उपचार की सुविधा ही उपलब्ध नहीं है। इससे यहां पहुंचने वाले मरीजों को समुचित उपचार का लाभ नहीं मिल पाता।
जैनापुर के अरविंद कुमार व अशोक कुमार आदि का कहना है कि उपस्वास्थ्य केंद्रों की बेहतरी होने से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं व बच्चों को बेहतर उपचार की सुविधा मिल सकती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ शासन व प्रशासन को भी इस तरफ ध्यान देना चाहिए। उप स्वास्थ्य केंद्रों को भवन उपलब्ध कराने के साथ ही वहां पर जरूरी सुविधाएं भी मुहैया कराने पर ध्यान देना चाहिए। गांवों में संचालित इन अस्पतालों के बेहतर रूप से काम करने पर सीएचसी व जिला अस्पताल में पहुंचने वाली भीड़ को भी कम किया जा सकेगा। इससे नागरिकों को भागदौड़ से भी निजात मिलेगी।
किया जा रहा प्रयास
उप स्वास्थ्य केंद्रों को अपना भवन मुहैया कराने के लिए जरूरी प्रयास चल रहा है। फिलहाल उपलब्ध संसाधनों में सेवाओं का बेहतर लाभ देने का प्रयास किया जाता है।
-राकेश कुमार, सीएचसी प्रभारी