अंबेडकरनगर। जिले की लगभग 24 लाख आबादी के लिए खुशखबरी है। पावर कॉर्पोरेशन ने रीवैंप प्लान के तहत आगामी कुछ महीनों में जिले को विद्युत संकट से उबारने के लिए बड़ी पहल शुरू की है। इतना ही नहीं यह काम आगामी 5 वर्षों तक विद्युत मांग को देखते हुए ओवरलोड, लो वोल्टेज व लंबी लाइन की समस्या को खत्म करने का प्रयास शुरू किया गया है। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के एमडी के निर्देश के बाद इस प्लान पर काम चल रहा है। सर्वे के बाद पावर कॉर्पोरेशन की स्थानीय टीम ने 7 नए उपकेंद्रों की स्थापना करने, 20 पुराने उपकेंद्रों व ग्रामीण क्षेत्रों में लगे करीब 200 ट्रांसफार्मरों की क्षमता की वृद्धि की रिपोर्ट तैयार की है। शुक्रवार को यह रिपोर्ट शासन को विभाग की ओर से सौंपा जाएगी।
जिले की लगभग 24 लाख आबादी को लंबे समय से विद्युत संकट से जूझना पड़ रहा है। आए दिन जिले के विभिन्न बिजली उपकेंद्रों की विद्युत व्यवस्था ओवरलोड या फिर पुराने व जर्जर उपकरणों के चलते बाधित होती रहती है। इसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है। फिलहाल प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद से ही विद्युत व्यवस्था व बकाया की वसूली को लेकर प्रमुखता से काम कर रही है।
प्रदेश सरकार के निर्देश पर मौजूदा समय में शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 22 घंटे व ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 18 घंटे की विद्युत सप्लाई देने का निर्देश है। परंतु जर्जर उपकरण व ओवरलोडे उपकेंद्र रोस्टर के अनुरूप बिजली देने में अक्सर फिसड्डी साबित होते हैं। इससे परेशान होकर आए दिन उपभोक्ता उपकेंद्रों का घेराव व प्रदर्शन भी करते रहते हैं। उपभोक्ताओं की इन्हीं समस्याओं को संज्ञान में लेते हुए उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन ने बड़ी पहल शुरू की है। करीब तीन माह पहले पावर कॉर्पोरेशन के एमडी ने इसके लिए रीवैंप प्लान के तहत सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।
पावर कॉर्पोरेशन के एमडी के निर्देश पर स्थानीय अधिशाषी अभियंता, सहायक अभियंता व अवर अभियंता की टीम ने रीवैंप प्लान के तहत पूरे जिले की रिपोर्ट तैयार कर ली है। अधिशाषी अभियंता टांडा एके सिंह ने बताया कि जिन क्षेत्रों में लाइन लंबी है, उसकी दूरी कम करने व उपकेंद्र पर लोड घटाने के लिए मकरही, ऐनवां, राजेसुल्तानपुर, जहांगीरगंज, कुर्की, किशुनपुर कबिरहा सहित कुल 7 स्थानों पर नए उपकेंद्र की स्थापना, 5 एमवीए व 20 एमवीए के ओवरलोड चल रहे कई उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि करने पर काम की जरूरत है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में लगे 200 से अधिक ट्रांसफार्मरों ऐसे हैं, जो ओवरलोड की समस्या से जूझ रहे हैं, जिनकी क्षमता वृद्धि की जाएगी। शुक्रवार को पावर कॉर्पोरेशन अपनी यह रिपोर्ट शासन को सौंपेगा।
प्लान के तहत सर्वे कार्य पूरा
पावर कॉर्पोरेशन के एमडी के निर्देश पर जिले में रीवैंप प्लान के तहत सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है। आगामी 5 वर्षों तक विद्युत समस्या न पैदा हो, इसके लिए आवश्यक कार्यों का खाका खींचा जा चुका है। इसके लिए 7 नए उपकेंद्रों की स्थापना के अलावा उपकेंद्रों व ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि का कार्य प्रमुखता से कराया जाएगा।
- रमेश चंद्र, अधीक्षण अभियंता विद्युत