अंबेडकरनगर। आपकी बेटी की सहेली गुड़िया का पति बोल रहा हूं। मेरा बच्चा बहुत सीरियस है, अस्पताल में भर्ती है। पैसों की जरूरत है। साइबर ठग ने यह बात टांडा थाना क्षेत्र के अजमेरी बादशाहपुर गांव के रहने वाले किसान चंद्रभान से कही। यह बात सुनने के बाद उन्होंने बिना कुछ सोचे अपने खाते से 22 हजार 999 रुपये ठग द्वारा दिए गए गूगल अकाउंट में भेज दिए।
पीड़ित के अनुसार पैसा भेजने के बाद जब उन्हाेंने पलट कर पैसा मिलने की जानकारी मांगने की कोशिश की तो फोन बंद मिला। तब उन्हें अपने साथ ठगी होने का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने साइबर थाने पर शिकायत दर्ज कराई। ठगी के ऐसे ही मामले अक्सर सामने आते रहे हैं। यह हाल तब है जब लोगों को कई माध्यम से बार-बार जागरूक किया जा रहा है।। बावजूद इसके आए दिन ठगी के नए-नए मामले सामने आ रहे हैं। ऑनलाइन लेन-देन करने वालों को अपने झांसे में फंसाने के लिए यह साइबर ठग नई-नई तरकीबें खोज निकालते हैं। ठगी होने पर बिना देरी हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
डर, पुलिस व विश्वास को बनाते हैं ढाल
साइबर ठग इन दिनों ठगी के तीन तरीके अपना रहे हैं। कभी वीडियोकॉल के जरिए पुलिस व अन्य अधिकारी बनकर लोगों को डरा-धमकाकर ठगी कर रहे हैं। तो कभी कुछ अहम जानकारी जुटाकर लोगों को विश्वास में लेकर ठगी का खेल किया जा रहा है। आजकल आमंत्रण एप, टेलीग्राम पर भी ग्रुप बनाकर नौकरी का झांसा देकर लोगों के साथ फ्राॅड किया जा रहा है।
रहें जागरूक
साइबर ठगी से बचने के लिए लोगों को जागरूक किया जाता है। अभियान चलाकर ठगी से बचने के तरीके व घटना को लेकर शिकायत करने की जानकारी दी जाती है। शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई कराई जाती है। लोग खुद भी इसे लेकर जागरूक रहें।
- डॉ. कौस्तुभ, एसपी