अंबेडकरनगर। बेवाना थाना क्षेत्र में जमीन दिलाने के नाम पर बिहार के एक असिस्टेंट प्रोफेसर से 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक (एसपी) के निर्देश के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रामसमपुर निवासी डॉ. मनोज कुमार बिहार के कैमूर स्थित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय (गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज) में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। उनके मुताबिक, करीब डेढ़ साल पहले उन्होंने अपनी मां मनोहरी देवी और बड़े भाई राम मनोज के नाम पर अपने ही गांव के वेद प्रकाश की जमीन खरीदने के लिए 20.16 लाख रुपये में एक रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कराया था। तय शर्त के अनुसार उन्होंने अलग-अलग समय पर नकद, बैंकिंग माध्यम और चेक से पूरी रकम वेद प्रकाश को दे दी थी।
इकरारनामे के तहत जमीन की रजिस्ट्री (बैनामा) साल 2025 तक होनी थी, लेकिन आरोपी के अनुरोध पर इस समय सीमा को बढ़ाकर जनवरी 2026 कर दिया गया था। इसके बावजूद, तय तारीख पर जब पीड़ित उप निबंधक (रजिस्ट्रार) कार्यालय पहुंचे, तो आरोपी वहां नहीं आया और लगातार टालमटोल करता रहा। पीड़ित द्वारा दबाव बनाए जाने पर आरोपी ने उन्हें 13.50 लाख रुपये का एक चेक दिया, लेकिन खाते में पर्याप्त पैसे न होने के कारण वह चेक भी बैंक में बाउंस हो गया। इसके बाद आरोपी ने पैसे लौटाने से मना कर दिया। थानाध्यक्ष प्रभाकांत तिवारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है।