फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

1803 स्कूलों को एसबीआई में खुलवाने होंगे खाते

विज्ञापन
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने बड़ी पहल की है। विद्यालय प्रबंध समिति व प्रधानाध्यापकों की मनमानी रोकने के लिए सरकार ने सभी विद्यालयों को भारतीय स्टेट बैंक में शून्य बैलेंस पर खाता खुलवाने का निर्देश जारी किया है। ऐसे में जिले के 1803 विद्यालयों को अब नए सिरे से एसबीआई बैंक में खाता खुलवाने की जरूरत है। इस खाते की खास बात यह है कि इसमें प्रबंध समिति की ओर से की जाने वाली धनराशि की डिमांड के अनुसार ही पैसा प्रतिदिन खाते में शासन से भेजा जाएगा। यदि उसकी निकासी न की गई तो खाते की धनराशि स्वत: ही शून्य हो जाएगी। इसके लिए अगले दिन दोबारा मांग करनी होगी। शासन के इस निर्देश के बाद प्रधानाध्यापकों में चिंता है। कारण यह कि दो विकास खंड ऐसे हैं जहां एसबीआई की शाखा ही नहीं है, तो कुछ विकास खंडों में दूरदराज के क्षेत्र में यह बैंक शाखा है। इससे उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

सरकार की ओर से परिषदीय व सहायता प्राप्त स्कूलों में कई तरह की सुविधाओं का लाभ बच्चों को दिया जाता है। इसमें ड्रेस, जूता, मोजा, बैग व एमडीएम आदि तरह की सुविधाएं शामिल हैं। बच्चों को यह सुविधा आसानी से उपलब्ध हो, इसके लिए शासन के निर्देश पर विद्यालयों में प्रबंध समिति का गठन किया गया है। प्रबंध समिति व प्रधानाध्यापक का संयुक्त खाता विभिन्न बैंक शाखाओं में खुला है। इसमें शासन द्वारा योजनाओं के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक राशि मुहैया करायी जाती है। प्रधानाध्यापक व प्रबंध समिति अध्यक्ष के सहयोग से इस खाते का संचालन होता रहा है। परंतु इसमें कई बार अनियमितता सामने आ रही थी। ऐसे में शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन में और पारदर्शिता लाने के लिए विशेष पहल की है। बीते दिनों महानिदेशक स्कूल शिक्षा अनामिका सिंह का एक पत्र जिले को पत्र हुआ। इसमें निर्देशित किया गया है कि परिषदीय व सहायता प्राप्त स्कूल जिनमें सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जाता है, उनका खाता शून्य बैलेंस पर भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में खुलाया जाए।
जिले में परिषदीय व सहायता प्राप्त मिलाकर कुल 1803 विद्यालय संचालित हैं, जिसमें सरकार बच्चों को जूता, मोजा, डे्रस, बैग व एमडीएम आदि सुविधाओं का लाभ देती है। शासन के नए निर्देश के मुताबिक शून्य बैलेंस पर खुलने वाले इस खाते में एडवांस बैलेंस मौजूद नहीं रहेगा। विद्यालय प्रबंध समिति की मांगके अनुसार ही उसमें बैलेंस शासन की ओर से भेजा जाएगा। यदि उस दिन पैसे की निकासी न हुई तो खाता मध्य रात स्वत: ही शून्य हो जाएगा। ऐसे में अगले दिन धन निकासी के लिए प्रबंधन को मांग भेजनी होगी। इसके पीछे शासन की मंशा है कि इससे विद्यालयों में धनाभाव का संकट नहीं होगा। साथ ही धन के दुरुपयोग को भी रोका जा सकेगा।
विज्ञापन

कटेहरी व भियांव में होगी ज्यादा मुश्किल
शासन के नए फरमान से जिले के परिषदीय व सहायता प्राप्त स्कूलों में अफरातफरी है। कारण यह कि जिले में महज 15 शाखाएं ही एसबीआई की मौजूद हैं, जिनमें पहले से ही उपभोक्ताओं की संख्या काफी अधिक है। सबसे ज्यादा मुश्किल तो कटेहरी व भियांव के स्कूल के प्रधानाध्यापकों को होगी। कारण यह कि इन विकास खंडों में एसबीआई की शाखा ही नहीं है। ऐसे में कटेहरी के 165 व भियांव के 150 स्कूलों को खाता खुलवाने के लिए लंबी दूरी का चक्कर लगाने की विवशता है। इतना ही नही भीटी विकास खंड में सिर्फ एक शाखा है, वह भी नगहरा में है, जो विकास खंड के एक किनारे पर है। ब्लॉक मुख्यालय से उसकी दूरी करीब 15 किलोमीटर है। इतना ही नही जहांगीरगंज विकास खंड के विद्यालयों को भी कुछ इसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ेगा।
पास की शाखा में खुलवाएं खाता
शासन की नई गाइडलाइन के अनुसार जिले के सभी विद्यालयों को भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में खाता खुलवाने का निर्देश दिया जा चुका है। सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया गया है कि वह अपने निकटतम शाखा में खाता खुलवाएं, जिससे लेनदेन में दिक्कत न हो।
विज्ञापन

-भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें