अंबेडकरनगर। रोजगार के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत बैंक से ऋण लेने वाले लगभग 1700 पटरी दुकानदारों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। लिए गए 10 हजार रुपये न जमा करने के चलते बैंक ने इन्हें डिफॉल्टर घोषित कर दिया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि संबंधित पटरी दुकानदारों ने राशि जमा नहीं की तो उन्हें किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं दिलाया जाएगा। इससे संबंधित पटरी दुकानदारों में हड़कंप मच गया है।
कोरोना संकट के दौरान पटरी दुकानदारों का रोजगार पूरी तरह से चौपट हो गया था। ऐसे पटरी दुकानदारों को फिर से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना शुरू की गई थी। योजना के तहत संबंधित पटरी दुकानदारों को 10 हजार रुपये बैंक से ऋण के रूप में दिए जाने का प्राविधान रखा गया। ब्याज मुक्त दी गई राशि को 12 महीने में जमा करने का निर्देश दिया गया। योजना के तहत पटरी दुकानदारों को लाभ दिलाने के लिए जिले को शासन से 4,696 पात्रों का लक्ष्य दिया गया। योजना का लाभ लेने के लिए पांच हजार 207 आवेदन किए गये थे।
इसके बाद आवेदन करने वालों का सत्यापन किया गया। बाद में सभी को 10-10 हजार रुपये का ऋण भी दे दिया गया। एलडीएम आशीष कुमार सिंह ने बताया कि योजना का लाभ लेने वालों में 583 लाभार्थियों ने निर्धारित समय में ऋण जमा कर दिया। ऐसे में उन्हें दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये का भी ऋण दे दिया गया। हालांकि लगभग 1700 लाभार्थी ऐसे हैं, जिन्होंने अब तक ली गई राशि नहीं जमा की।
इनमें से कुछ ऐसे थे, जिन्होंने एक या दो किस्त जमा की, तो कुछ ऐसे भी थे, जिन्होंने एक भी किस्त नहीं जमा की। ऐसे में अब इन सभी पटरी दुकानदारों को डिफॉल्टर घोषित कर दिया गया है। इन सभी को शीघ्र ही नोटिस भेजी जाएगी कि वे डूडा से संपर्क कर जल्द ऋण के रूप में ली गई राशि जमा कर दें। यदि इसके बाद भी नहीं जमा की कई तो इन्हें किसी भी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं दिया जाएगा।