अंबेडकरनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रैल 2020 में राष्ट्रीय पंचायत दिवस के मौके पर स्वामित्व योजना की शुरुआत की थी। अब इस योजना को मिशन मोड में शुरू करते हुए हर ग्रामीण नागरिक को स्वामित्व प्रमाणपत्र (घरौनी) उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया है। इसकी शुरुआत शनिवार को होने जा रही है। इस मौके पर कलेक्ट्रेट सभागार के साथ सभी तहसील, ब्लॉक व ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन कर 1.34 लाख लोगों को घरौनी वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
स्वामित्व योजना के तहत 1,807 गांवों का प्रकाशन किया गया था, जिसके सापेक्ष 1,619 गांवों में ड्रोन तकनीक के जरिए सीमांकन कराया गया है। अब तक 1,91,620 घरौनी बनाई जा चुकी हैं, जिसके सापेक्ष 57,181 ग्रामीणों को घरौनी का वितरण किया जा चुका है। शेष 1,34,439 घरौनी वितरण की शुरुआत शनिवार को मुख्य अतिथि एमएलसी डॉ. महेंद्र सिंह की मौजूदगी में कलेक्ट्रेट सभागार से की जाएगी। इस मौके पर प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी किया जाएगा।
ये होंगे लाभ
ग्रामीण नागरिकों को ऋण एवं अन्य वित्तीय लाभ प्राप्त करने के लिए अपनी संपत्ति को एक वित्तीय परिसंपत्ति के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा, जिससे वित्तीय स्थिरता मिल सकेगी। ग्रामीण नियोजन के लिए सटी भूमि अभिलेख तैयार हो सकेंगे। जीआईएस मानचित्रों का का उपयोग करते हुए बेहतर गुणवत्ता वाली ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार हो सकेगी। संपत्ति संबंधी विवादों और कानूनी मामलों की संख्या में कमी आएगी।
ड्रोन तकनीक का हुआ इस्तेमाल
एकीकृत संपत्ति सत्यापन समाधान प्रदान के लिए चल रही स्वामित्व योजना में ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों के सीमांकन को ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
तहसीलवार वितरित व अवशेष घरौनी
अकबरपुर - 12709- 23718
आलापुर- 12038- 22041
जलालपुर- 16176- 41867
टांडा- 13143- 26981
भीटी- 3115- 20012
ग्रामीण क्षेत्र में संपत्ति संबंधी विवादों को समाप्त करने के लिए घरौनी बनाई जा रही हैं। 1.34 लाख ग्रामीणों को घरौनी वितरित करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। -डॉ. सदानंद गुप्ता, एडीएम