अंबेडकरनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में शुक्रवार को अमर उजाला फाउंडेशन व युवान फाउंडेशन के सहयोग से रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ, जिसमें कुल 11 लोगों ने रक्तदान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी सीएमएस डॉ. मनोज कुमार गुप्त ने किया। उन्होंने महादानियों को उत्साहवर्धन करते हुए अमर उजाला व युवान फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की। कहा कि सभी लोगों को ऐसे कार्यों में बढ़-चढ़कर भागीदारी करनी चाहिए।
अमर उजाला व युवान फाउंडेशन ने राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया। प्रभारी सीएमएस व ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. मनोज गुप्त ने कहा कि युवाओं को जागरूक करने की जरूरत है। युवाओं का मनोबल बढ़ाते कहा कि रक्तदान जीवन में किसी भी भौतिक संपदा के दिए हुए दान से बढ़कर है। उन्होंने युवाओं से रक्तदान के लिए आगे आने का आह्वान किया। शिविर में युवान संगठन के अध्यक्ष प्रवीण गुप्त, राजकुमार, सौरभ सिंह पटेल, राहुल गुप्त, विशाल पटेल, प्रिया जैसवार, जितेंद्र पाल, अमित तिवारी, विनोद कुमार, अविनाश कुमार व विशाल चौधरी सहित कुल 11 युवाओं ने रक्तदान किया।
रक्तदानी बोले, इस नेक कार्य से मिलती है खुशी
राजकीय मेडिकल कॉलेज में अमर उजाला व युवान फाउंडेशन द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। रक्तदान करने पहुंचे अकबरपुर नगर के शास्त्रीनगर निवासी राहुल गुप्त 10वीं रक्तदान के लिए पहुंचे थे। कहा कि उन्हें इस तरह के नेक कार्य करने के बाद अपार खुशी होती है। तीसरी बार रक्तदान करने पहुंचे अमेदा के राजकुमार व नाऊसांडा के सौरभ सिंह पटेल भी रक्तदान को लेकर उत्साहित दिखे। राजकीय मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप कर रहीं डॉ. प्रिया जैसवार पहली बार रक्तदान करने पहुंची थीं। कहा कि वह काफी दिनों से सोच रही थीं। शुक्रवार को जब पता चला कि अमर उजाला व युवान की तरफ से कैंप लगाया गया है तो वह स्वेच्छा से रक्तदान के लिए पहुंच गईं।
यूथ ऑइकॉन ने बचाई युवती की जान
युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन चुके यूथ ऑइकॉन प्रवीण गुप्त ने फिर सराहनीय काम किया है। उन्होंने शुक्रवार को रक्तदान कर मठिया नेवादा निवासी 21 वर्षीय युवती रीता की जान बचाने का काम किया है। बताया जाता है कि रीता काफी दिनों से बीमार चल रही हैं। गत दिवस वह मेडिकल कॉलेज में भर्ती र्हुइं। चिकित्सकों ने जांच की तो पता चला कि उसके शरीर में खून ही नहीं है। इस पर चिकित्सकों ने ब्लड की व्यवस्था करने के लिए परिजनों को कहा। बुजुर्ग पिता बच्चूलाल यह सब सुनकर परेशान हो गए। इस पर किसी ने बुजुर्ग बच्चूलाल को प्रवीण से संपर्क करने का सुझाव दिया। बुजुर्ग ने प्रवीण को मामले की जानकारी दी। प्रवीण मेडिकल कॉलेज पहुंचे और रक्तदान किया।