सपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने आतंकवाद के बहाने अखिलेश और आजम खां पर जम कर हमला बोला। अमर ने कहा कि गोलियां चलाकर सामूहिक हत्या करना ही आतंकवाद नहीं होता है। निजी स्वार्थ, धन-दौलत के लिए राजनीति करना सबसे बड़ा आतंकवाद है। अन्याय, अत्याचार के समय चुप रहना भी किसी आतंकवाद से कम नहीं है।
अमर सिंह क्षेत्र में आयोजित संगोष्ठी में बुधवार को विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने आतंकवाद को अलग-अलग तरह से परिभाषित किया। उदाहरण देते हुए अमेरिका के जापान पर किए परमाणु हमले पर अमेरिका के माफी न मांगने का जिक्र किया। कहा कि अमेरिका आज भी उसे आतंकी हमला नहीं मानता। जब कि उस हमले से लाखों निरीह महिला, बच्चे, वृद्ध मारे गए थे। उन्होंने अखिलेश यादव के उस बयान का जिक्र किया जिसमें आदित्यनाथ को कहा था बिजली का तार छुएं पता चल जाएगा।
अमर सिंह ने कहा कि जनता के साथ बोला गया झूठ और ठगी सबसे बड़ा आतंकवाद है। सिंह ने गायत्री प्रजापति के बहाने सीएम को निशाने पर लिया। कहा वह न तो खनन का धंधा किये, न ही किसी महिला का सामूहिक बलात्कार। हां चार पांच महीने से लोक शाही रूपी द्रोपदी का चीरहरण होता रहा और वह भीष्म की तरह नजरें नीची किए देखते रहे। इस नाते वह अपराधी हो गए।
सपा सरकार पर कसा तंज
अमर सिंह
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बिजली के बहाने सपा-बसपा पर तंज कसा। कहा कि बिजली पैदा होती है सोनभद्र में और सपा रहती है तो उसका उपयोग सैफई में होता है मायवती आती हैं तो बदलापुर में होता है। सेक्युलरीजम पर भी विरोधियों पर जम कर हमला बोला। कहा कि जब गेस्टहाउस कांड हुआ तो वह सपा में नहीं थे। मायावती गुजरात जाकर मोदी का प्रचार की। कहा कि मुसलमान कट्टर होता है। इस नाते मोदी का प्रचार करने आई हूं। सिद्धू, ममता, नीतीश, शरद यादव सब भाजपा के साथ रहे। वह लालू जिनको न्यायालय ने चुनाव लड़ने पर रोक लगी है कहते हैं मेरे साथ आते नीतीश सेक्युलर हो गए। यह विचारों का आतंकवाद है।
आजम के रावण वाले बयान पर कहा कि रावण वह होता है जो पराई औरत पर नजर लगाता है। वह सहारनपुर में कहा जाते हैं हम कह नहीं सकते वह उनका निजी मामला है। वह यहीं नहीं रुके। पाकिस्तानी दूतावास के उस आतंकवादी का जिक्र किया जिसने कहा था वह आजम के खास का खास है। पिता पुत्र के रिश्तों के बहाने अखिलेश पर निशाना साधा। कहा कि यह भीष्म, प्रहलाद, राम, भरत का देश है। जिन लोगों ने पिता के आदेश पर सब कुछ त्याग दिया।