बचपन में लगाते थे पटाखा और रंग-गुलाल की दुकान
नंदी का बचपन तंगी में गुजरा। नंदी के पिता सुरेश चंद्र डाक विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे, जबकि मां विमला देवी सिलाई, बुनाई करती थीं। परिवार की स्थिति ठीक न होने की वजह से बचपन में वह पटाखा, रंग-गुलाल की दुकान लगाते थे। इसके बाद नंदी ने 1992 में मिठाई की दुकान खोली। बाद में उन्होंने एक ट्रक लिया और घी एवं दवाओं की एजेंसी भी ले ली। 1994 में एक रिश्तेदार के साथ मिलकर ईंट भट्टे का कारोबार किया। आर्थिक स्थिति ठीक होने पर नंदी ने अपनी खुद की कंपनी नंदी ग्रुप ऑफ कंपनीज बनाई।
पत्नी अभिलाषा दो बार से हैं महापौर
नंदी की पत्नी अभिलाषा गुप्ता दो बार से प्रयागराज की महापौर हैं। पहली बार वह 2012 में चुनाव जीतकर प्रयागराज की मेयर बनीं। इसके बाद 2017 में भी उन्होंने मेयर का चुनाव जीता। नंदी के दो बेटे अभिषेक एवं नमन है, जबकि बेटी का नाम जाह्नवी है।
मुझे जो काम और जिम्मेदारी मिली, उसे सौ प्रतिशत पूरा करने का प्रयास किया। लोगों के बीच जो अपनत्व रहा, उसी से आज शिखर पर पहुंचा। यह कार्यप्रणाली आगे भी जारी रहेगी। - नंद गोपाल गुप्ता नंदी, कैबिनेट मंत्री, उ.प्र. सरकार।