फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

योगी सरकार 2.0 : तीसरी बार मंत्री बने नंद गोपाल नंदी, आर्थिक तंगी में बीता था बचपन, पटाखे और रंग-गुलाल की लगाते थे दुकान

Fri, 25 Mar 2022 11:07 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

नंदी ने अपना पहला चुनाव 2007 में बसपा के टिकट पर जीता। तब उन्होंने पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी एवं वर्तमान सांसद डॉ. रीता बहुगुणा जोशी को शिकस्त दी। भाजपा में वह 2017 में शामिल हुए। उसके बाद योगी सरकार में मंत्री बने। इस बार भी वह कैबिनेट मंत्री बनने में कामयाब हुए।
विज्ञापन
कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रदेश सरकार में तीसरी बार कैबिनेेट मंत्री बने नंद गोपाल गुप्ता नंदी पिछले कुछ समय से फिल्म डिप्लोमेसी की वजह से सुर्खियों में हैं। विधानसभा चुनाव के पूर्व उन्होंने जहां पीएम मोदी पर बनी बायोपिक प्रयागराज के हजारों लोगों को फ्री में दिखवाई, तो वहीं पिछले दिनों रिलीज हुई ‘द कश्मीर फाइल्स ’ के प्रयागराज में शो बढ़वाने से लेकर उस फिल्म से जुड़ी टीम की सीएम योगी से मुलाकात करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विज्ञापन




राम मंदिर निर्माण के लिए एक करोड़ से ज्यादा की धनराशि दिए जाने की वजह से भी नंदी संघ के साथ ही भाजपा संगठन में छाए रहे। इन्हीं तमाम वजहों की वजह से नंदी योगी पार्ट टू सरकार में दूसरी बार अपनी जगह बनाने में कामयाब रहे। 



नंदी ने अपना पहला चुनाव 2007 में बसपा के टिकट पर जीता। तब उन्होंने पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी एवं वर्तमान सांसद डॉ. रीता बहुगुणा जोशी को शिकस्त दी। भाजपा में वह 2017 में शामिल हुए। उसके बाद योगी सरकार में मंत्री बने। इस बार भी वह कैबिनेट मंत्री बनने में कामयाब हुए।
विज्ञापन




कार्यकर्ताओं से नजदीकी एवं शहर में आयोजित तमाम आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाने की वजह से नंदी अपने विधानसभा में भी खासे लोकप्रिय हैं। इसी वजह से वह अब तक  तीन बार मंत्री बने और हर बार वोटर भी बढ़े। 2007 के चुनाव में उनके खाते में 35 हजार मत आए। इसके बाद 2012 में यह आंकड़ा 48 हजार, 2017 में 93 हजार तो 2022 में 97487 पर पहुंच गया।

Trending Videos
विज्ञापन

बचपन में लगाते थे पटाखा और रंग-गुलाल की दुकान
नंदी का बचपन तंगी में गुजरा। नंदी के पिता सुरेश चंद्र डाक विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे, जबकि मां विमला देवी सिलाई, बुनाई करती थीं। परिवार की स्थिति ठीक न होने की वजह से बचपन में वह पटाखा, रंग-गुलाल की दुकान लगाते थे। इसके बाद नंदी ने 1992 में मिठाई की दुकान खोली। बाद में उन्होंने एक ट्रक लिया और घी एवं दवाओं की एजेंसी भी ले ली। 1994 में एक रिश्तेदार के साथ मिलकर ईंट भट्टे का कारोबार किया। आर्थिक स्थिति ठीक होने पर नंदी ने अपनी खुद की कंपनी नंदी ग्रुप ऑफ कंपनीज बनाई।


पत्नी अभिलाषा दो बार से हैं महापौर
नंदी की पत्नी अभिलाषा गुप्ता दो बार से प्रयागराज की महापौर हैं। पहली बार वह 2012 में चुनाव जीतकर प्रयागराज की मेयर बनीं। इसके बाद 2017 में भी उन्होंने मेयर का चुनाव जीता। नंदी के दो बेटे अभिषेक एवं नमन है, जबकि बेटी का नाम जाह्नवी है। 


मुझे जो काम और जिम्मेदारी मिली, उसे सौ प्रतिशत पूरा करने का प्रयास किया। लोगों के बीच जो अपनत्व रहा, उसी से आज शिखर पर पहुंचा। यह कार्यप्रणाली आगे भी जारी रहेगी। - नंद गोपाल गुप्ता नंदी, कैबिनेट मंत्री, उ.प्र. सरकार। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें