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Navratri : आदिशक्ति के षष्ठम् स्वरूप कात्यायनी देवी की मंदिरों में आराधना, दिन भर गूंजते रहे जयकारे

Sun, 14 Apr 2024 03:51 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

अलोपी बाग स्थित शक्तिपीठ अलोप शंकरी मंदिर में भोर से लेकर देर रात तक भक्तों की भारी भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने नारियल, चुनरी, गुड़हल के फूल की माला, मिष्ठान्न आदि का अर्पण किया। देवी के जयकारे मंदिर में गूंजते रहे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर यहां पर बड़ी संख्या में पुरुष और महिला सिपाहियों की तैनाती की गई। दोपहर में कड़ी धूप के बावजूद भक्तों की संख्या में कमी नहीं दिखी। 
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अलोपशंकरी देवी मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वासंतिक नवरात्र में शक्तिपीठों पर आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। अतरसुइया शक्तिपीठ कल्याणी देवी और मीरापुर में सिद्धपीठ ललिता देवी मंदिर में शनिवार को दिन भर भक्तों की भीड़ लगी रही। इस दिन स्कंदमाता स्वरूप में झांकियां सजाई गईं। देवी के जयकारे गूंजते रहे। अलोपी बाग स्थित शक्तिपीठ अलोप शंकरी मंदिर में भोर से लेकर देर रात तक भक्तों की भारी भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने नारियल, चुनरी, गुड़हल के फूल की माला, मिष्ठान्न आदि का अर्पण किया। देवी के जयकारे मंदिर में गूंजते रहे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर यहां पर बड़ी संख्या में पुरुष और महिला सिपाहियों की तैनाती की गई। दोपहर में कड़ी धूप के बावजूद भक्तों की संख्या में कमी नहीं दिखी। 

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तीनों दोनों ही शक्तिपीठों में दिन भर विशेष पूजा- अर्चना हुई। मीरापुर स्थित शक्तिपीठ मां देवी ललिता के दर्शन के लिए बलिया जिले के प्रशासनिक न्यायाधीश रोहित रंजन अग्रवाल पत्नी के साथ पहुंचे। इस मंदिर के पुजारी शिव मूरत मिश्रा के निर्देशन में किसमिस और लाल अक्षत से देवी की विशेष अर्चना की गई। दुर्गा सप्तशती का पाठ हुआ। शाम को हवन और भंडारा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।

 

इसी तरह कल्याणी देवी मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ थी। पुजारी सुशील कुमार पाठक ने बताया कि सुबह मंगला आरती के बाद भक्तों के लिए कपाट खोल दिए गए। नवरात्र के नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों का शृंगार किया जाता है। शनिवार को स्कंदमाता स्वरूप में झांकी सजाई गई। शाम सात बजे महाआरती की गई। शृंगार दर्शन रात एक बजे तक चला। 11 ब्राह्मणों के मंत्रच्चार के साथ शतचंडी महायज्ञ हुआ।

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