मऊआइमा सहकारी कताई मिल परिसर को औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने का काम तेजी से चल रहा है। मिल की खस्ताहाल मशीनों की नीलामी के बाद परिसर की साफ-सफाई कराई जा रही है। कबाड़ हटाने का काम चल रहा है। साथ ही सड़क बनाने का काम भी तेजी से हो रहा है।
बता दें कि उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) 100 बीघे से अधिक रकबे में बनी मिल परिसर को औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित कर रहा है। सहकारी कताई मिल की स्थापना वर्ष 1984 में पूर्व मंत्री मोहम्मद अमीन अंसारी के प्रयास से हुआ था। 1988 तक मिल पूरी क्षमता के अनुरूप चलने लगी। इस मिल में तैयार धागे की मांग एक समय पूरे प्रदेश में थी। लेकिन, दुर्भाग्यवश 10 अगस्त 2010 को मिल पूरी तरह बंद हो गई।
कुछ महीने पहले यूपी सरकार ने मिल की सैकड़ों बीघे जमीन को औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया। इसी क्रम में कबाड़ में तब्दील मिल में लगी मशीनों को स्क्रैप के रूप में नीलाम कर दिया गया। पिछले दिनों मिल परिसर को उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण हस्तांतरित कर दी गई। यहां पर दर्जनों मजदूरों काम पर लगे हैं।
परिसर में खुलेगा गेस्ट हाउस, होटल, बैंक
यूपीसीडा के अफसरों के मुताबिक, औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के साथ ही कारोबारियों की सुविधा के लिए परिसर में गेस्ट हाउस, होटल, बैंक आदि खोले जाएंगे। स्थानीय लोगों में खुशी है कि औद्योगिक केंद्र खुलने के बाद इलाके का विकास तेजी से होगा।
हरिसेनगंज - राहुल ठाकुर
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