महिलाएं अब केवल मतदाता नहीं बल्कि सरकार बनाने और राजनीतिक फैसलों की दिशा तय करने वाली शक्ति बन चुकी हैं। महिलाएं घर की चौखट से निकलकर सरकार बना रही हैं। वह राजनीतिक दलों के घोषणापत्र पढ़ती हैं और यह देखती हैं कि उनके हितों के लिए क्या किया गया है।
अब वह दौर बीत चुका है जब परिवार के पुरुष सदस्य महिलाओं को बताते थे कि किसे वोट देना है। महिलाओं की बढ़ती राजनीतिक जागरूकता और भागीदारी इस बदलाव का प्रमाण है। यह बातें अमर उजाला की ओर से शनिवार को प्रथमा-2026 के तहत आयोजित नारी शक्ति सम्मान समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहीं।
उन्होंने कहा कि अब छोटे से बड़े चुनाव तक राजनीतिक दल अपने घोषणापत्र में महिलाओं की अपेक्षाओं और जरूरतों को जगह देने लगे हैं। महिला मतदाता हर राजनीतिक दल के लिए महत्वपूर्ण हो गई हैं। मतदान में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी ने उनकी राजनीतिक ताकत को मजबूत किया है। महिलाएं अब केवल सरकारी योजनाओं की लाभार्थी नहीं बल्कि देश के विकास का नेतृत्व करने की क्षमता भी रखती हैं।