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Prayagraj News: दो धूर जमीन के लिए संघर्ष में महिला की गई जान, हत्या का केस दर्ज न होने पर परिजनों का अंतिम संस्कार से इन्कार

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तवकलपुर खरगापुर गांव में महज दो धूर जमीन के लिए रविवार को लाठी-डंडे और सरिया से पिटाई में घायल मूक-बधिर महिला की अस्पताल में मौत हो गई। इस मामले में पुलिस पर केस हल्का करने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। पुलिस की मान-मनौव्वल के बावजूद शव घर के सामने रखकर परिजन हत्या का केस दर्ज करने की जिद पर देर रात तक अड़े रहे।
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सोरांव थाना क्षेत्र के तवकलपुर खरगापुर गांव के निवासी बच्चा लाल के दरवाजे पर दो धूर जमीन पर पड़ोसी राम अवतार और अंकित जबरन कब्जा कर रहे थे। इसे लेकर पिछले दो-तीन दिनों से दोनों पक्षों में तनाव था। इसकी सूचना पुलिस को लोगों ने दी,लेकिन किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई।
आरोप है कि दबंगों की ओर से रविवार को को बच्चा लाल के घर के सामने की जमीन पर जबरन कब्जा किया जाने लगा। यह देख बच्चा लाल और उसके परिजन विरोध करने लगे तब आधा दर्जन लोगों ने लाठी-डंडे और सरिया से हमला बोल दिया। इस हमले में बच्चा लाल यादव की मूक-बधिर पत्नी प्रेमलता (40), सुनीता देवी, दीपक यादव, राम पुकार, सुभाष चंद्र समेत आधा दर्जन लोगों को पीट-पीट कर लहूलुहान कर दिया गया। इस दौरान प्रेमलता का सिर फट गया। सिर में गंभीर चोट आने के कारण चिकित्सक ने जिला अस्पताल के लिए उसे रेफर कर दिया, जहां जाते समय रास्ते में ही प्रेमलता की मौत हो गई।
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जान गंवाने वाली महिला के पति बच्चा लाल की तहरीर पर सोरांव पुलिस ने इस मामले में राम अवतार, अंकित समेत करीब आधा दर्जन लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या दर्ज कर लिया। उधर, प्रेमलता की मौत की जानकारी मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम के बाद शाम को शव घर पहुंचा तो परिजन पुलिस पर केस हल्का करने का आरोप लगाने लगे। परिजनों का कहना था कि यह हत्या का मामला है, जबकि पुलिस ने धारा 304 के तहत गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर मामले की लीपपोती शुरू कर दी है। जब तक इस मामले में 302 की धारा बढ़ाई नहीं जाएगी, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। देर रात तक गांव में तनाव की स्थिति बनी रही।
इनसेट

पुलिस तत्पर होती तो बच सकती थी प्रेमलता की जान
सोरांव। तवकलपुर खरगापुर गांव में जमीनी विवाद का मामला दो दिन पहले जब सोरांव पुलिस की जानकारी में आया, तब इसे गंभीरता से न लिया जाना ही विवाद बढ़ने की वजह बन गया। कहा जा रहा है कि जबरदस्ती जमीन कब्जा कर रहे दबंगों के खिलाफ कार्रवाई की गई होती तो इतना विवाद न बढ़ा होता और ना ही प्रेमलता की जान जाती। इस मामले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।

परिजनों की तहरीर के आधार पर ही इस मामले में केस दर्ज किया गया है। आरोप जो लगाया जा रहा है, उसकी जांच कराई जाएगी। विवेचना के दौरान जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। जंग बहादुर यादव, एसीपी -सोरांव।
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