प्रॉपर्टी के विवाद का मामला सामने आया
सीओ ने बताया कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि प्रॉपर्टी को लेकर उसका विवाद चल रहा है। हालांकि, उसने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। अधिवक्ता राम कौशिक की ओर से तीन सितंबर को दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर एवं न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की खंडपीठ के सवाल पर एसटीएफ अधिकारी ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए 26 लोगों की टीम लगाई गई है। शीघ्र ही घटना का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।
शासकीय अधिवक्ता आशुतोष कुमार संड ने बताया कि अभी तक की जांच से अदालत और याची अधिवक्ता ने संतुष्टि जताई है। एसटीएफ ने जांच पूरी करने के लिए कोर्ट से तीन सप्ताह का समय और मांगा है, जिस पर सहमति जताते हुए नौ अक्तूबर को सुनवाई नियत की गई है।
30 अगस्त को ड्यूटी पर जाते वक्त हुई थी घटना
सोरांव के भदरी गांव की रहने वाली सुमित्रा पटेल बीती 30 अगस्त को फाफामऊ से सरयू एक्सप्रेस में सवार हुई थीं। वह अयोध्या के हनुमानगढ़ी में ड्यूटी करने जा रही थीं। ट्रेन में मनकापुर से अयोध्या के बीच रात में किसी ने उनके ऊपर हमला किया। इसमें उनके चेहरा तक क्षत-विक्षत हो गया। मरणासन्न हाल में ट्रेन की सीट के नीचे उन्हें पाया गया था। यह सनसनीखेज घटना मीडिया की सुर्खियां बनी थी। इसके बाद पत्र याचिका के आधार पर कोर्ट सरकार से जवाब तलब किया था।