शिकायत है कि चकबंदी कार्यालय में कनिष्ठ सहायक पद पर तैनात दो महिला कर्मचारियों के साथ अश्लीलता के मामले को महीनों पहले से दबाने की कोशिश की जा रही है। पहले जिस लिपिक ने महिला कर्मियों को बदनाम करने की कोशिश की, उसके खिलाफ पुलिस से की गई शिकायतों को दबाव बनाकर वापस करा दिया गया। इसके बाद भी सिलसिला रुका नहीं। कभी व्हाट्सएप पर फोटो डाल कर उपहास उड़ाना तो कभी चरित्र हनन का आरोप लगाकर परेशान किया जाता रहा।
आरोप है कि आजिज आकर महिला लिपिक ने डीएम और मंडलायुक्त से जब इस मामले की शिकायत की, तब बंदोबस्त अधिकारी ने इसे अनुशासनहीनता करार देते हुए स्पष्टीकरण तलब कर लिया। महिला कर्मी का कहना है कि उसकी छवि धूमिल करने की कई बार कोशिश गई। इसकी शिकायत कर्नलगंज पुलिस से भी की गई, लेकिन बंदोबस्त अधिकारी ने दबाव बनवा कर शिकायत वापस करा दी।
महिलाकर्मी की रिश्तेदार ने बंदोबस्त अधिकारी की भूमिका पर उठाए सवाल
महिला कर्मी की रिश्तेदार ने चकबंदी आयुक्त को पत्र लिखकर इस मामले में बंदोबस्त अधिकारी की भूमिका की जांच कराने का आग्रह किया है। पत्र में कहा गया है कि अश्लील हरकत के इस मामले की मंडलायुक्त और डीएम से की गई शिकायत की अभी जांच रिपोर्ट नहीं आई है। इस बीच तबादला करना न्याय संगत नहीं है। इस संबंध में बंदोबस्त अधिकारी पुष्कर बाबू से संपर्क किया गया, लेकिन वह अपना पक्ष रखने के लिए उपलब्ध नहीं हुए।