रंजना ने बताया कि करीब 3.30 बजे चार युवक आए और पूछा कि बस कहां जाएगी। उसके यह कहने पर कि बस लखनऊ जाएगी तो चारों भीतर आकर बैठ गए। कहा कि उन्हें रायबरेली तक जाना है। पांच मिनट ही बीते होंगे कि चारों ने उसे घेर लिया और बैग छीनने लगे। विरोध करने पर चाकू निकाल लिया और बैग छीन लिया। इसके बाद बदमाश बस से उतरकर नवाब यूसुफ रोड की ओर भाग निकले। जाने से पहले धमकी दी कि शोर मचाया तो जान से मार देंगे। बदमाशों के भागने के बाद कंडक्टर ने शोर मचाकर ड्राइवर को बुलाया और घटना की जानकारी दी।
ड्राइवर ने पहले अपने फोन से 112 नंबर पर कॉल की। कॉल कनेक्ट न होने पर उसने कार्यालय में जानकारी दी तो रोडवेज अफसर आ गए। इसके बाद सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। दिनदहाड़े घटना से वहां सनसनी फैल गई। कंडक्टर से पूछताछ के बाद पुलिस तलाश में लगी रही, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं मिला। बाद में सिविल लाइंस इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह यादव ने घटना से इंकार किया। कहा कि महिला कंडक्टर झूठी शिकायत कर रही है। उसने बैग कहीं गिरा दिया है या उससे बैग गुम हो गया है।
इस मामले में देर रात तक एफआईआर नहीं दर्ज हो सकी थी। पुलिस की ओर से घटना को फर्जी बताए जाने को लेकर महिला कंडक्टर से बात की गई तो उसने बताया कि वह थाने तहरीर लेकर गई थी। वहां पुलिसवालों ने कहा कि तहरीर से चाकू व लूट की बात हटाकर चोरी की तहरीर लाओ, तब मुकदमा दर्ज होगा। इंकार करने पर उसे वापस भेज दिया गया। रात में एक बार फिर वह थाने पहुंची और रिपोर्ट दर्ज कराने को प्रयासरत रही।
दहशत में कांपती रही कंडक्टर
वारदात के बाद महिला कंडक्टर इस कदर दहशत में थी कि वह कांपती रही। हाल यह था कि पूछताछ में वह पुलिसकर्मियों को ठीक ढंग से जवाब भी नहीं दे पा रही थी। उसने बताया कि बदमाश जो बैग लूटकर ले गए, उसमें टिकट मशीन के अलावा मैनुअल टिकट, बिक्री के 3500 रुपये के अलावा मार्ग पत्र, कंडक्टर एक्सट्रैक्ट फॉर्म, ड्यूटी स्लिप व मोबाइल भी रखा था।
सिविल लाइंस इंस्पेक्टर ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की है। उनका कहना है कि महिला ने बताया है कि वारदात के बाद बदमाश भागते हुए गए। जबकि सीसीटीवी फुटेज में कुछ लोग पैदल जाते हुए दिखे हैं। फिलहाल जांच पड़ताल की जा रही है। - श्वेताभ पांडेय, एसीपी सिविल लाइंस
विभागीय जांच कराई जा रही है। जांच एआरएम प्रयाग को सौंपी गई है। - सीबी राम, एआरएम सिविल लाइंस