When the student was stopped from taking the examination, he sat on the dharna
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में परास्नातक दर्शनशास्त्र प्रथम सेेमेस्टर की परीक्षा में मंगलवार को छात्र नेता सत्यम कुशवाहा को शामिल होने से रोक दिया गया। इस पर सत्यम ने पहले चीफ प्रॉक्टर कार्यालय और फिर विभाग के सामने धरना दिया। एक आंदोलन में शामिल होने के कारण छात्र नेता का प्रवेश निरस्त किया जा चुका है।
बार-बार कहने पर भी परीक्षा में शामिल न किए जाने से सत्यम कुशवाहा चीफ प्रॉक्टर कार्यालय के बाहर एक घंटे तक तेज धूप में धरना देता रहा। सत्यम के खिलाफ चीफ प्रॉक्टर ने ही कार्रवाई की थी। जब वहां कोई सुनवाई नहीं हुई तो सत्यम ने दर्शन शास्त्र विभाग के सामने धरना शुरू कर दिया।
वहां परीक्षा चल रही थी। किसी तरह का हंगामा न हो, सो आधे घंटे बाद विभागाध्यक्ष के प्रो. एचएस उपाध्याय और प्रो. ऋषिकांत पांडेय सत्यम से बात करने पहुंचे। सत्यम ने कहा कि शिक्षा ग्रहण करना और परीक्षा देना उसका अधिकार है। विश्वविद्यालय प्रशासन एक गरीब किसान के बेटे को पढ़ने से रोकना चाहता है। छात्र नेता वैभव सिंह ने कहा कि एक छात्र को परीक्षा से वंचित रखना पूरी तरह से असांविधानिक है।