चंपावत जिला अस्पताल परिसर में लंबे समय से लटकी डॉक्टरों की आवासीय कॉलोनी।
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कुंभ मेला क्षेत्र में काम करने वाली एजेंसी से करीब तीस लाख रुपये की निर्माण सामग्री वहां काम करने वाले चौकीदार ने ही मिलीभगत से गायब कर दी थी। इसे वह बेचने की फिराक में था तभी पुलिस के चंगुल में फंस गया। पुलिस ने छापेमारी करते हुए निर्माण सामग्री समेत उसके एक साथी को भी गिरफ्तार किया है।
रविवार को प्रेस कान्फ्रेंस में एसएसपी ने बताया कि छह मार्च को निर्मोही अखाड़े में प्रयुक्त करीब तीस लाख रुपये की सामग्री चोरी हो गई। कार्यदायी महाशक्ति कंस्ट्रक्शन के मालिक को जब इसका पता चला तब उन्होंने साईट की निगरानी करने वाले राम आशीष गुप्ता निवासी कैमूर, बिहार पर शक जाहिर करते हुए दारागंज थाने में उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। उसके बाद दारागंज पुलिस ने राम आशीष पर निगाह रखनी शुरू कर दी।
उसने अपना मोबाइल बंद नहीं किया था। उसी के सहारे पुलिस के सामने कुछ दिनों में ही कहानी साफ हो गई। सौदा तय करने के बाद आज रामआशीष ने इसकी डिलीवरी के लिए बुलाया था। उसके निर्मोही अखाड़े के पास होने की सूचना पुलिस को भी मिल गई। दारागंज इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने मौके पर पहुंचकर रामआशीष एवं उसके साथी उदय गुप्ता निवासी कैमूर को मौके से पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने चोरी की बात कुबूल की है। इंस्पेक्टर विनीत सिंह के मुताबिक निगरानी के दौरान उसने अपने साथियों से मिलकर पूरी समाग्री वहां से गायब की थी। उनके पास से 128 पीस जैक, सिंगल जैक, लेजर, स्टैंड, प्लेट, चौखट समेत पूरी निर्माण सामग्री बरामद हुई है। आरोपी ने बताया कि कुछ समान प्रतीश श्रीवास्तव के पास रखा हुआ है।